जागरण संवाददाता, गोरखपुर। प्लेटफार्म नंबर नौ के साथ मेन गेट पर भी तेजी से फुट ओवरब्रिज (एफओबी) का कार्य चल रहा है। मेन गेट पर स्थित पुराने एफओबी की सीढ़ियां लगभग टूट चुकी हैं। रेलवे स्टेशन पर तोड़-फोड़ और निर्माण कार्य चलते मेन गेट समेत जगह-जगह बैरिकेडिंग कर दी गई है।
यात्रियों के लिए आवागमन के अलग-अलग रास्ते निर्धारित कर दिए गए हैं। हालांकि, यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। लेकिन, नया एफओबी बन जाने से यात्रियों की मुश्किलें समाप्त हो जाएंगी। एक से दूसरे प्लेटफार्म पर आवागमन सुगम हो जाएगा। पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक उदय बोरवणकर के दिशा-निर्देश पर निर्माण संगठन ने दीपावली तक एफओबी निर्माण को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
जानकारों का कहना है कि जनरल टिकट बुकिंग हाल और प्रतीक्षालय को भी तोड़ने की तैयारी चल रही है। गेट नंबर छह और छह ए के बीच अस्थायी जनरल टिकट बुकिंग हाल बनेगा। गेट नंबर छह एक के पश्चिम-उत्तर की तरफ यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय भी बनेगा।
अप्रैल तक मुख्य द्वार और आसपास वाले भवन पूरी तरह टूट जाएंगे और गेट नंबर छह पर अस्थायी टिकट बुकिंग हाल शिफ्ट हो जाएगा। जब तक गोरखपुर जंक्शन का पुनर्विकास नहीं हो जाएगा तब तक अस्थायी बुकिंग हाल से ही जनरल टिकटों की बिक्री होगी।
बुकिंग हाल में दस टिकट काउंटर खुलेंगे। साथ ही दर्जन भर आटोमेटिक टिकट वेेंडिंग मशीनें (एटीवीएम) भी लगेंगी। स्टेशन के बाहर आधा दर्जन और जनरल टिकट बुकिंग सेवक तैनात किए जाएंगे। यात्रियों की सुविधा के लिए गेट नंबर सात पर भी प्लेटफार्म नंबर एक की तरफ कैब वे पर अस्थायी प्रतीक्षालय बनाया जाएगा।
निर्माणाधीन रेलवे स्टेशन। जागरण
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मुख्य द्वार के पश्चिम कुली विश्रामालय और जीआरपी थाना पहले ही टूट चुका है। यहां मल्टी लेवल कार पार्किंग और कामर्शियल कांप्लेक्स का निर्माण तेजी के साथ चल रहा है। फर्स्ट फर्स्ट क्लास गेट और एस्केलेटर के बीच \“साउथ-वेस्ट बिल्डिंग\“ का निर्माण शुरू हो गया है।
इस बिल्डिंग में स्टेशन के अफसर और स्टेशन प्रबंधक आदि बैठेंगे। इस बिल्डिंग से ही ट्रेनों का संचालन और मानीटरिंग होगी। उत्तरी गेट (प्लेटफार्म नंबर नौ) पर \“नार्थ ईस्ट बिल्डिंग\“ के नाम से नया भवन बनेगा। इस बिल्डिंग में अधिकारियों के कार्यालय बनेंगे। साथ ही कमर्शियल उपयोग भी होगा। इसके लिए मैकेनाइज्ड लाउंड्री और यांत्रिक कारखाना की बाउंड्रीवाल तथा आसपास के छोटे कार्यालय आदि तोड़ दिए जाएंगे।
न्यू वाशिंग पिट के पास नई मैकेनाइज्ड लाउंड्री तैयार की जा रही है। 139 वर्ष बाद गोरखपुर जंक्शन का करीब 500 करोड़ रुपये में सिटी सेंटर के रूप में पुनर्विकास हो रहा है। मई 2027 तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है। 07 जुलाई, 2023 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुनर्विकास की आधारशिला रखी थी।