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बच्चा तस्करी गिरोह: हिमाचल व पंजाब के बाद हरियाणा से भी जुड़े तार, अब तक 5 महिलाओं सहित 9 गिरफ्तार

Chikheang 3 hour(s) ago views 188
  

बच्चा तस्करी गिरोह के तार हिमाचल प्रदेश व पंजाब सहित हरियाणा से भी जुड़े हैं। प्रतीकात्मक फोटो  



जागरण टीम, देहरा (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश और पंजाब के बाद अब बच्चा चोरी गिरोह के तार हरियाणा से जुड़े हैं। देहरा पुलिस ने अंतरराज्यीय बच्चा तस्करी गिरोह के छह और सदस्यों को गिरफ्तार किया है, इसमें पांच महिलाएं भी शामिल हैं। इनमें एक महिला की आयु 60 वर्ष है। इस मामले में अब तक नौ लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।

आरोपितों में एक हिमाचल, एक हरियाणा और बाकी पंजाब के मालवा क्षेत्र से संबंध रखते हैं। पुलिस का मानना है कि इस मामले में और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।
इन्हें किया गिरफ्तार

आरोपितों की पहचान जालंधर जिले के नकोदर तहसील के गांव टूटकलां की कुलविंदर कौर, बठिंडा के भंगी नगर गली नंबर छह के नीलम सिंह व उसकी पत्नी रिंपी, बठिंडा जिले के ऊधम सिंह नगर की गली नंबर एक निवासी 60 साल की जसमेल कौर, बठिंडा के थाना सिविल लाइन इलाके के कच्चा धोबियाना निवासी करमजीत कौर और हरियाणा के सिरसा जिले के गांव कालेवाल निवासी किरण उर्फ काली के रूप में हुई है।

किरण इन दिनों मानसा में शनि मंदिर के नजदीक वार्ड नंबर छह में रहती है। इन सबको सोमवार को न्यायालय में पेश किया जहां से दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है।   
क्या कहते हैं पुलिस अधीक्षक


पहले पकड़े आरोपितों से पूछताछ के आधार पर पुलिस टीम पंजाब के अलग-अलग इलाकों में दबिश देने पहुंची। अब तक इस मामले में नौ लोग पकड़े जा चुके हैं। पुलिस जल्द पूरे नेटवर्क को तोड़ देगी। पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है।  
-मयंक चौधरी, एसपी, देहरा।  

बरामद किया है एक बच्चा  

मूल रूप से पुराना कांगड़ा निवासी दीपक आनंद ने संसारपुर टैरेस निवासी रोहित कुमार से संपर्क कर उसे नवजात बच्चा उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया था। इसके बदले उसने 23,500 रुपये मांगे थे। रोहित ने उसे 10 हजार रुपये दे दिए, लेकिन बाद में उसे लगा कि उसके साथ ठगी हुई है। इसके बाद उसने पुलिस से शिकायत की। टीम ने तकनीकी आधार पर लोकेशन ट्रेस कर दीपक आनंद को जालंधर से गिरफ्तार किया था। पूछताछ के बाद पता चला कि पंजाब के गुरदासपुर जिले के बटाला की रितु भी इस मामले में शामिल है। इसके बाद पुलिस टीम ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ के बाद जालंधर से भी एक महिला को पकड़ा। इस मामले में हिमाचल में एक दंपती को बेचा बच्चा भी बरामद हो चुका है।
जारी प्रमाणपत्रों से खुलेगा रहस्य  

बच्चे के जन्म के समय संबंधित पंचायत अथवा नगर निकाय जन्म प्रमाणपत्र जारी करता है। जन्म प्रमाणपत्र पर बच्चे के माता-पिता के पते के साथ ही उनका आधार नंबर भी अंकित रहता है। इसी प्रमाणपत्र के आधार पर बाद में बच्चे का आधार कार्ड बनता है। महिलाओं का गर्भधारण करने के बाद वैक्सीनेशन कार्ड बनता है। उस पर माता और फिर बच्चे को दिए जाने वाली सभी दवाओं और वैक्सीन का ब्योरा रहता है। अब जांच का विषय यह है कि ये लोग बच्चों को बिना जन्म प्रमाणपत्र आगे बेच देते थे या फिर फर्जी तरीके से प्रमाणपत्र बनाए जाते थे।

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