तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद। दिल्ली के रोहिणी में दर्ज नाबालिग संवासिनी से यौन उत्पीड़न के मुकदमे में फरार चल रहे पांच लाख के इनामी बाबा वीरेंद्र देव उर्फ वीरेंद्र दीक्षित की अपहरण कर हत्या व शव गायब करने के मुकदमे की जांच कंपिल थानाध्यक्ष करेंगे। मामले में 14 अनुयायियों पर आरोप है और पुलिस ने एफआइआर हैदराबाद स्थानांतरित की थी।
कायमगंज क्षेत्राधिकारी राजेश द्विवेदी ने बताया कि अब विवेचना यहां की पुलिस करेगी।कंपिल निवासी बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित की तलाश में सीबीआइ भी लगी है। उनके भांजे शमसाबाद के मुहल्ला दुबे निवासी हृदेश पांडेय ने 21 सितंबर 2025 को कंपिल स्थित बाबा के आश्रम में रहने वाली अनुयायी विद्या, काकुली, पुष्पा, मंजरी, नीलम डिसिल्वा, दीपक डिसिल्वा, डा. सुरेंद्र, संपगी, चंद्रलेखा, वरुण, डा. गिरीश, डा. संजोति, डा. सुप्रीता, महाराष्ट्र के अहमदनगर निवासी श्रद्धा के अलावा 15-20 अज्ञात अनुयायियों के खिलाफ अपहरण के बाद हत्या कर शव गायब करने का मुकदमा दर्ज कराया था।
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आरोप है कि आरोपितों ने अध्यात्मिक ईश्वरीय विश्वविद्यालय से संबद्ध चल-अचल संपत्ति को हड़पने के आशय से मामा वीरेंद्र देव दीक्षित का अपहरण कर उनकी हत्या कर शव गायब कर दिया। घटना तेलंगाना राज्य के जनपद हैदराबाद के थाना बोबनपल्ली से जुड़ी होने की वजह से पुलिस ने मुकदमे की विवेचना थाना बोबनपल्ली भेजी थी। अब वहां से मुकदमे की विवेचना जनपद को भेज दी गई है। |