युवाओं से विदेश नौकरी के नाम पर ठगी में पंजाब की हिस्सेदारी 53 प्रतिशत।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं को ठगने वाले फर्जी ट्रैवल एजेंटों के मामलों में पंजाब क सबसे आगे है। केंद्र सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक पिछले तीन वर्षों में पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से कुल 291 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें अकेले पंजाब की हिस्सेदारी करीब 53 प्रतिशत रही।
विदेश मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि इंटरनेट मीडिया के जरिए फर्जी विदेशी नौकरी के आफर देकर युवाओं को निशाना बनाया जा रहा है।यह जानकारी शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल के सवाल के जवाब में लोकसभा में साझा की गई। मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2023 से 2025 के बीच पंजाब में 154 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें 56 शिकायतें 2023 में, 18 शिकायतें 2024 में और 80 शिकायतें 2025 में दर्ज की गईं।
चंडीगढ़ में इसी अवधि में 92 शिकायतें सामने आईं, जबकि हरियाणा में 39 और हिमाचल प्रदेश में 6 शिकायतें दर्ज हुईं।
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विदेश में रोजगार की तलाश में युवा होते हैं आकर्षित
मंत्रालय ने बताया कि ये फर्जी भर्ती अभियान अकसर इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से चलाए जाते हैं और विदेश में रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को आकर्षित करते हैं। कई मामलों में पीड़ितों या उनके परिजनों की शिकायत के बाद ही ऐसे नेटवर्क का खुलासा हो पाता है।
कार्रवाई के सवाल पर मंत्रालय ने बताया कि कई मामलों में राज्य पुलिस या केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा एफआईआर दर्ज की गई या एक्शन टेकन रिपोर्ट दाखिल की गई। पंजाब में 2023 में कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई, जबकि 2024 में 38 और 2025 में 69 एफआईआर दर्ज की गईं। चंडीगढ़ में 2023 और 2024 में कोई एफआईआर नहीं हुई, लेकिन 2025 में 37 एफआईआर दर्ज की गईं।
हरियाणा में 2025 में 15 एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि हिमाचल प्रदेश में 2023 और 2025 में एक-एक एफआईआर दर्ज हुई।
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अभियोजन की स्थिति चिंताजनक
अभियोजन की स्थिति पर मंत्रालय ने बताया कि जांच के बाद अभियोजन स्वीकृति के लिए केवल एक मामला 2024 में हरियाणा से प्राप्त हुआ, जिसे स्वीकृति भी दे दी गई। पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश से इस अवधि में ऐसी कोई स्वीकृति का मामला सामने नहीं आया।मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि अवैध या अनधिकृत भर्ती एजेंटों की गतिविधियों की जानकारी तब मिलती है जब प्रवासी या उनके परिजन शिकायत दर्ज कराते हैं।
कई भारतीय नागरिक स्वयं ऐसे एजेंटों के माध्यम से अवैध रास्तों से विदेश जाने का प्रयास करते हैं। अवैध प्रवास के प्रयासों का सटीक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, क्योंकि अधिकांश विदेशी सरकारें केवल निर्वासन की स्थिति में ही जानकारी साझा करती हैं।
कानूनी ढांचे का हवाला देते हुए मंत्रालय ने बताया कि इमीग्रेशन एक्ट 1983 की धारा 10 के तहत बिना वैध पंजीकरण प्रमाणपत्र के कोई भी व्यक्ति या एजेंसी भर्ती एजेंट के रूप में कार्य नहीं कर सकती। अवैध प्रवास या मानव तस्करी से जुड़ी शिकायतों को राज्य पुलिस के पास जांच और कार्रवाई के लिए भेजा जाता है। सरकार ने ईमाइग्रेट पोर्टल और सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता अभियान भी तेज किए हैं। जनवरी 2026 तक 3,500 अपंजीकृत एजेंटों की सूची ईमाइग्रेट पोर्टल पर सार्वजनिक की गई है।
विदेशी नौकरी धोखाधड़ी शिकायतें (2023-2025)
| राज्य | 2023 | 2024 | 2025 | कुल | | पंजाब | 56 | 18 | 80 | 154 | | चंडीगढ़ | 3 | 9 | 80 | 92 | | हरियाणा | 4 | 2 | 33 | 39 | | हिमाचल प्रदशे | 4 | 0 | 2 | 6 |
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