search

Papmochani Ekadashi 2026 Date: मार्च में कब है पापमोचनी एकादशी? अभी नोट करें तिथि और शुभ मुहूर्त

LHC0088 1 hour(s) ago views 427
  

पापमोचनी एकादशी का धार्मिक महत्व (Image Source: AI-Generated)



धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में चैत्र माह का विशेष महत्व है। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस माह की शुरुआत 04 मार्च से होगी। इस माह के कृष्ण पक्ष में पापमोचनी एकादशी व्रत किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को करने से साधक को जीवन के सभी पापों से मुक्ति मिलती है। साथ ही धन लाभ के योग बनते हैं। ऐसे में आइए आपको बताते हैं पापमोचनी एकादशी की तिथि और शुभ मुहूर्त के बारे में।
पापमोचनी एकादशी 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Papmochani Ekadashi 2026 Date and Shubh Muhurat)

वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 14 मार्च को सुबह 08 बजकर 10 मिनट पर होगी। समापन 15 मार्च को सुबह 09 बजकर 16 मिनट पर होगा। ऐसे में 15 मार्च को पापमोचनी एकादशी व्रत किया जाएगा और व्रत का पारण 16 मार्च को किया जाएगा।
पापमोचनी एकादशी 2026 व्रत पारण टाइम (Papmochani Ekadashi 2026 Vrat Paran Time)

पापमोचनी एकादशी व्रत का पारण करने का समय 16 मार्च को 06 बजकर 30 मिनट से 08 बजकर 54 मिनट तक है। इस दौरान किसी भी समय व्रत का पारण कर सकते हैं।

  

(Image Source: AI-Generated)
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

सूर्योदय का समय: सुबह 06 बजकर 31 मिनट
सूर्यास्त का समय: शाम 06 बजकर 29 मिनट
चंद्रोदय का समय: 04 बजकर 47 मिनट (मार्च 16)
चंद्रास्त का समय: दोपहर 02 बजकर 53 मिनट

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04 बजकर 55 मिनट से 05 बजकर 43 मिनट
विजय मुहूर्त: दोपहर 02 बजकर 30 मिनट से 03 बजकर 18 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06 बजकर 27 मिनट से 06 बजकर 51 मिनट तक
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12 बजकर 06 मिनट से 12 बजकर 54 मिनट तक
पापमोचनी एकादशी पूजा विधि (Papmochani Ekadashi Puja Vidhi)

  • इस दिन सुबह स्नान करने के बाद स्नान करें और सूर्य देव को अर्घ्य दें।
  • इसके बाद व्रत का संकल्प लें और मंदिर की साफ-सफाई करें।
  • एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं और भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा को विराजमान करें।
  • प्रभु को तिलक लगाएं और पीले फूल व पीले अर्पित करें।
  • दीपक जलाकर आरती करें।
  • व्रत कथा का पाठ करें।
  • फल और मिठाई समेत आदि चीजों का भोग लगाएं।
  • अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करें
  • व्रत का पारण द्वादशी तिथि पर करें।


यह भी पढ़ें- Amalaki Ekadashi 2026: भगवान विष्णु की पूजा के समय करें चमत्कारी स्तोत्र का पाठ, आर्थिक तंगी से मिलेगा छुटकारा

यह भी पढ़ें- Rangbhari Ekadashi 2026: रंगभरी एकादशी के दिन शिवलिंग पर इस विधि से चढ़ाएं गुलाल, घर आएगी सुख-समृद्धि

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
like (0)
LHC0088Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
LHC0088

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
163900