गौराहार गांव में मकान से कब्जा हटवाने पहुंची पुलिस व राजस्व टीम पर पथराव करते हुए लोग
संवाद सूत्र, जागरण कौशांबी। सैनी क्षेत्र के रामपुर धमावां का मजरा गौराहार के एक विवादित मकान में किए गए कब्जे को शनिवार को हटवाने पहुंची पुलिस व राजस्व टीम को विरोध का सामना करना पड़ा।
कथित तौर पर कब्जा करने वाले लोगों ने एकराय होकर संयुक्त टीम पर पथराव कर दिया। इसे लेकर पुलिस व प्रशासन के अफसरों में अफरा-तफरी मच गई। पथराव में तीन पुलिस और एक राजस्व कर्मी व एक अन्य ग्रामीण घायल हुए हैं। वहीं, पुलिस ने किसी तरह बल प्रयोग करते हुए हंगामा कर रहे कुछ लोगों को हिरासत में लिया है।
गौराहार निवासी जयसिंह पुत्र धुल्ली उर्फ रामकुमार ने बताया कि रोजगार के सिलसिले में वह हरियाणा में रहता है। पिछले दिनों पता चला कि उसके घर का ताला तोड़कर कब्जा कर लिया गया है। पीड़ित ने 27 जनवरी 2026 को सैनी थाने में गांव के ही रोहित, मोहित पुत्रगण दयाशंकर, मोहित की मां झुलनी देवी और शिवसिंह, कमल सिंह पुत्रगण भैयालाल पर घर कब्जाने का आरोप लगाया था।
तहरीर के हवाले से बताया गया था कि आरोपितों ने घर के अंदर रखा दो जंगला, एक दरवाजा, एक कुंतल सरिया चुरा ले जाने के लिए कहा। पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कर दी।
शनिवार की शाम करीब पांच बजे नायब तहसीलदार अतुल कुमार वर्मा, सैनी थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह पुलिस फोर्स व राजस्व कर्मियों के साथ गौराहार मकान को कब्जा मुक्त कराने पहुंचे थे। बताते हैं कि अफसरों को देख कब्जा करने वाले लोग भड़क उठे।
उन्होंने टीम पर पथराव कर दिया। इसे लेकर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक किसी तरह अफसरों ने अपनी जान बचाई। बहरहाल, पथराव में कानूनगो रियाज अहमद, कांस्टेबल भानु कुमार, कामतानाथ एवं पीड़ित जयसिंह घायल हुए हैं। सभी घायलों का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिराथू में मेडिकल परीक्षण कराया गया। क्षेत्रीय लेखपाल सुरेश सिंह ने बताया कि मकान को कब्जामुक्त कराते हुए सरकारी ताला लगवा दिया गया है।
नायब तहसीलदार अतुल कुमार वर्मा के नेतृत्व में राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम मकान को कब्जामुक्त कराने के लिए गई थी। इस दौरान कुछ लोगों द्वारा कार्रवाई का विरोध किया गया है। ऐसे लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।
योगेश कुमार गौड़, एसडीएम सिराथू |