खामेनेई और उनके बेटे पर हमले का विचार कर रहा अमेरिका
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु मुद्दे पर तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को नया परमाणु समझौता करने के लिए 10 से 15 दिनों की समय सीमा दी है। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि यदि इस अवधि में कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो वे ईरान पर सीमित सैन्य हमलों पर विचार कर रहे हैं।
रॉयटर्स (Reuters) की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शुक्रवार को कहा कि तेहरान अगले दो-तीन दिनों में एक जवाबी ड्राफ्ट तैयार कर सकते है। इस सप्ताह जिनेवा में ईरानी अधिकारियों, डोनल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के बीच हुई बातचीत के बाद आया है।
ईरान का रिएक्शन
अब्बास अराघची ने बताया कि दोनों पक्ष कुछ प्रमुख सिद्धांतों की दिशानिर्देश पर चर्चा करने पर सफल रहे हैं, हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि इसका अर्थ अंतिम समझौता होना नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई कूटनीतिक प्रयासों को बाधित करेगी। अगर अमेरिका ने हमला किया तो तेहरान न्यूक्लियर बातचीत में हिस्सा लेना बंद कर देगा।
ईरान पर ट्रंप का रुख
व्हाइट हाउस में प्रेस वार्ता के दौरान जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वे समझौते के लिए दबाव बनाने हेतु सैन्य हमलों पर विचार कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि मैं कह सकता हूं कि मैं इस पर विचार कर रहा हूं।
रॉयटर्स (Reuters) के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि सैन्य करवाई की तैयारी तेज कर दी गई है, जिसमें विशिष्ट व्यक्तियों को निशाना बनाना और नेतृत्व परिवर्तन जैसे विकल्प भी शामिल हो सकते हैं।
दूसरी ओर, ट्रंप की इन सैन्य धमकियों पर अमेरिकी संसद में भी हलचल तेज है। अगले सप्ताह एक महत्वपूर्ण मतदान हो सकता है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रपति को सांसदों की मंजूरी के बिना ईरान के खिलाफ सैन्य हमला शुरू करने से रोकना है।
ईरान में विरोध प्रदर्शन जारी
यह तनाव ऐसे समय में बढ़ा है जब ईरान पहले से ही आंतरिक विद्रोह और पिछले साल जून में हुए इजरायली-अमेरिकी हमलों के प्रभाव से जूझ रहा है। मानवाधिकार समूह HRANA के अनुसार, ईरान में हुए हालिया विरोध प्रदर्शनों में अब तक 7,114 मौतें हो चुकी हैं, जबकि ईरानी प्रशासन इस संख्या को 3,117 बता रहा है।
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