रायपुररानी क्षेत्र में अटैच की गई जमीन की अवैध बिक्री कराई गई।
जागरण संवाददाता, पंचकूला। रायपुररानी क्षेत्र में हुए जमीन घोटाले में जिला राजस्व अधिकारी (डीआरओ) जोगिंदर शर्मा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्हें अदालत से राहत नहीं मिली। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया उपलब्ध साक्ष्य और जांच की प्रगति को देखते हुए हिरासत में पूछताछ आवश्यक है।
आरोप है कि रायपुररानी क्षेत्र में अटैच की गई जमीन की अवैध बिक्री कराई गई और राजस्व रिकाॅर्ड में हेरफेर कर लेन-देन को वैध दर्शाने का प्रयास किया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, विवादित जमीन पहले से अटैच थी, फिर भी राजस्व रिकाॅर्ड में रपट नंबर 64, 30 सितंबर 2025 के माध्यम से डी अटैचमेंट का उल्लेख किया गया।
बाद में यह रपट रद कर दी गई, जिससे संदेह गहरा गया। जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित जमीन की पूर्व में कई बिक्री विलेखों के माध्यम से खरीद-फरोख्त हुई थी। राज्य पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपित ने जांच में तीन बार शामिल होने के बावजूद दो मोबाइल फोन पेश नहीं किए और जवाबों में टालमटोल की।
डीआरओ जोगिंदर शर्मा ने दलील दी कि उनका नाम मूल एफआईआर में नहीं था और उन्हें सहआरोपित के बयान के आधार पर फंसाया गया है। अदालत ने कहा कि इस मामले में अग्रिम जमानत देना उचित नहीं है। |