संवाद सूत्र, बाराबंकी। ग्रामीणों को अब आधार कार्ड बनवाने के लिए दूर शहर नहीं जाना पड़ेगा। प्रदेश के पांच जिले लखनऊ, सीतापुर, बलरामपुर, बाराबंकी और लखीमपुर में पायलट प्रोजेक्ट के तहत पंचायत भवनों में ही आधार पंजीकरण की सुविधा शुरू की जा रही है। प्रत्येक जिले की 21 पंचायतों में यह व्यवस्था लागू होगी।
ग्राम स्तर पर डिजिटल सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंचायत भवनों में आधार पंजीकरण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इसके लिए आवश्यक उपकरण और सामग्री संबंधित जिलों में पहुंच चुकी है। कर्मचारियों का प्रशिक्षण पूरा होते ही पंचायत भवनों में आधार बनाने और संशोधन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी।
क्या है पहल उद्देश्य?
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीणों को नजदीक ही आधार नामांकन और संशोधन की सुविधा उपलब्ध कराना है, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी। अभी तक ग्रामीणों को आधार कार्य के लिए ब्लाक या जिला मुख्यालय का रुख करना पड़ता था।
जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) नीतेश भोंडेले ने बताया कि चयनित पंचायतों में आधार केंद्र स्थापित करने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। प्रशिक्षण कराया जा रहा है। इसके बाद पंचायत भवनों में नियमित रूप से आधार बनाए जाएंगे।
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इस व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी आसानी होगी, क्योंकि आधार प्रमाणीकरण की प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर ही पूरी हो सकेगी। पंचायती राज निदेशालय से आए स्टेट कोर्डिनेटर अनवर सलीम, यूडीआइ से संदेश श्रीवास्तव एवं जिला परियोजना प्रबंधक नीलम रावत ट्रेनिंग में मौजूद रहीं।
यहां बनेगा आधार कार्ड
बाराबंकी की ग्राम पंचायत टीकापुर, भानपुर, कमेला, त्रिलोकपुर, उमरा, कूढ़ा, टीपहार, सालेहनगर, गौरिया, अकबपुर, सूर्यपुर खपैला, नैनामऊ, बांसा, जहांगीराबाद, जमुवासी, इब्राहिमाबाद, बसारी, बेरिया, कुर्सी में आधार कार्ड बनाया जा सकेगा। इसके अलावा पंचायतों में घरों में चांदामऊ, बघौली, रोहिलानगर, मिर्जापुर, लालनगर आदि में आधार पंजीकरण सेंटर स्थापित होगा। |