कंपनी बाग में नगर निगम के तालाब के आसपास किया गया अतिक्रमण
जागरण संवाददाता, भागलपुर। नगर निगम ने अपनी जमीन और तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम की अचल संपत्ति पर बसी अवैध बस्ती को खाली कराया जाएगा। इससे पूर्व निगम अपने खतिहान के आधार पर अमीन से जमीन की मापी करवा रहा है।
नाथनगर के हसनाबाद स्थित निगम के पुराने कसाईखाना व शेल्टर हाउस की जमीन को खाली कराएगा। तीन दिनों से निगम के अमीन मापी कर रहे हैं। अब तक एक सौ घरों की पहचान की गई है। करीब डेढ़ एकड़ से अधिक जमीन पर 150 से अधिक घरों की बस्ती बस गई है। इसमें करीब एक हजार से अधिक लोग रह रहे हैं। अब जमीन से अतिक्रमण हटाने को निगम बुलडोजर चलाएगा।
सर्वे वार्ड संख्या 17 (वर्तमान वार्ड संख्या 13) स्थित कम्पनीबाग क्षेत्र में खाता संख्या 907 की निगम भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जा पाए जाने के बाद नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा ने अवैध निर्माण शाखा को सख्त निर्देश जारी किया है।
अमीन की मापी रिपोर्ट में पहले चरण में कुल 59 अतिक्रमणकारी चिन्हित किए गए हैं। इसके साथ अगले चरण के सर्वे का कार्य जारी है। जिन्होंने निगम की जमीन व तालाब क्षेत्र में पक्का मकान, टीन शेड, खपड़ा घर, झोपड़ी, दुकान और धार्मिक संरचना तक बना ली है।
एक सप्ताह में पक्ष रखने का मौका
नगर आयुक्त के आदेश के अनुसार सभी अतिक्रमणकारियों को नोटिस तामिला किया जाएगा। उन्हें एक सप्ताह के भीतर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विधि सम्मत कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाया जाएगा।
बड़े रकबे पर कब्जा
अमीन रिपोर्ट के अनुसार कई लोगों ने 30×54, 32×54, 38×54, 42×54 फीट जैसे बड़े भू-भाग पर कब्जा कर पक्का मकान बना लिया है। कुछ स्थानों पर टीन शेड व खपड़ा मकान हैं, जबकि कुछ जगहों पर दुकान और मंदिर परिसर भी चिन्हित किया गया है।
प्रमुख नामों में श्रीकांत मंडल, वावन मंडल, चंद्रदेव मंडल, कारू मंडल, गुलाब मंडल, मुनी लाल मंडल, गणेश मंडल, नारायण मंडल, गोपाल मंडल, संजय मंडल, शोभा कुमारी, बाबू लाल मंडल, जगदीश मंडल, अशोक पोद्दार, बब्लू चौधरी, राजेश रौशन, दीपक साह, पंकज तांती, कैलाश तांती, पप्पू साह, नंदन कुमार सहित अन्य शामिल हैं।
तालाब संरक्षण पर फोकस
नगर निगम सूत्रों के अनुसार कंपनीबाग का तालाब क्षेत्र जल संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। अतिक्रमण के कारण जलभराव और निकासी की समस्या बढ़ रही थी। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जल स्रोतों और सार्वजनिक भूमि पर कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नाथनगर में भी होगी कार्रवाई
इसी प्रकार नाथनगर के पीपरपांती में डीप बोरिंग में रह रहे निगम के कर्मी को खाली करने का निर्देश दिया है। तीन दिनों में परिसर खाली होगा। निगम भूमि पर अवैध कॉलोनी बसाने की शिकायत पर मापी कराई जा रही है। रिपोर्ट मिलते ही वहां भी नोटिस जारी कर कार्रवाई शुरू की जाएगी।
पहले नोटिस जारी किया जाएगा, फिर सुनवाई होगी
नगर निगम पहले नोटिस जारी करेगा। इसके बाद वाद चलाकर नगर आयुक्त द्वारा सुनवाई की जाएगी। इसके बाद अतिक्रमण हटाने की तिथि तय कर बुलडोजर चलाया जाएगा। नगर आयुक्त ने कहा है कि निगम की सभी अतिक्रमित संपत्तियों को चरणबद्ध तरीके से मुक्त कराया जाएगा। प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गई है और पुलिस बल की मांग भी की जा सकती है।
नगर निगम की इस कार्रवाई से कंपनीबाग क्षेत्र में हलचल मच गई है। अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि एक सप्ताह बाद निगम की अगली कार्रवाई क्या रूप लेती है। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि निगम की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराना प्राथमिकता है। सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। |