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टाटानगर स्‍टेशन: भारी हंगामे के बीच जमींदोज हुईं 27 दुकानें, हाईकोर्ट ने रेलवे से पूछा- 42 दिन में कैसे करेंगे पुनर्वास

cy520520 Yesterday 23:27 views 470
  

टाटानगर स्‍टेशन के पास अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया।


जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। टाटानगर रेलवे स्टेशन को एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित करने की दिशा में गुरुवार को कदम उठाया गया। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत होने वाले रि-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट की राह में बाधा बन रहे अतिक्रमण पर रेलवे का बुल्डोजर चला।    भारी पुलिस बल और तीन जेसीबी मशीनों की मदद से स्टेशन-कीताडीह रोड और खासमहल इलाके में स्थित 27 अवैध व लीज वाली दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया।  
मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में 5 घंटे चला अभियान

गुरुवार सुबह 11 बजे से शुरू हुआ यह अभियान शाम 4 बजे तक चला। इस दौरान रेलवे इंजीनियरिंग विभाग के एईएएन-2 एचके महापात्रा और मजिस्ट्रेट के रूप में जुगसलाई नगर परिषद के सिटी मैनेजर राजेंद्र कुमार मौजूद रहे।  

  •     कार्रवाई का ब्यौरा: स्टेशन-कीताडीह रोड से 10 और सुकट खान बिल्डिंग के पास से 17 दुकानों को तोड़ा गया।
  •     सामानों की निकासी: प्रशासन के अनुसार, दुकानदारों को 18 फरवरी तक सामान हटाने की मोहलत दी गई थी। जिन लोगों ने सामान नहीं हटाया, उनके सामान मजदूरों लगाकर बाहर निकाले गए और ढांचों को गिरा दिया गया।


हाईकोर्ट का रुख:उजाड़ें मगर 42 दिनों में बसाएं
इस कार्रवाई का दुकानदारों ने कड़ा विरोध किया। 22 जनवरी को हुई पिछली कार्रवाई के खिलाफ 10 दुकानदार हाईकोर्ट पहुंचे थे।  उच्च न्यायालय ने दुकानदारों को जगह खाली करने का समय देते हुए रेलवे को स्पष्ट निर्देश दिया है। विस्थापित दुकानदारों को 42 दिनों के भीतर बसाने की बात कही गई है।  
पुस्तैनी रोजगार छिनने का दर्द कोर्ट ने रेलवे से इस पूरी कार्रवाई पर विस्तृत जवाब भी मांगा है। दुकानदारों का कहना है कि वे यहां पिछले 50 वर्षों से व्यवसाय कर रहे थे।    उनके दादा और पिता के बाद अब वे यहां से रोजी-रोटी कमा रहे थे। प्रभावित दुकानदारों ने मांग की कि रेलवे को उन्हें उजाड़ने से पहले वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराना चाहिए था।  
कैसा होगा नया टाटानगर स्टेशन? वर्तमान में कई लोग मलबे के ढेर से अपनी जरूरत का सामान और ईंटें तलाशते नजर आए। यह पूरी कवायद टाटानगर स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने के लिए की जा रही है। इस प्रोजेक्ट की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  •     लागत: स्टेशन बिल्डिंग निर्माण में 284 करोड़ और पूरे प्रोजेक्ट पर 550 करोड़ खर्च होंगे।  
  •     सुविधाएं: एयरपोर्ट की तर्ज पर सुविधाओं के साथ-साथ यहां 3 नए प्लेटफॉर्म और कमर्शियल जोन बनाए जाएंगे।
  •     समय सीमा: शिलान्यास के बाद 36 माह के भीतर इस मेगा प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य है।  



अमृत भारत योजना के तहत इस विकास कार्य से टाटानगर रेलवे स्टेशन का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा, लेकिन फिलहाल विस्थापितों के पुनर्वास की चुनौती प्रशासन के सामने खड़ी है।
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