जागरण संवाददाता, सुलतानपुर। सार्वजनिक स्थलों सहित अन्य स्थानों पर नागरिकों के लिए खतरा बन गए कुत्तों के लिए अब 15,464 हजार वर्ग मीटर में एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर बनाया जाएगा। यह शासन से नया निर्देश आया है। पहले यह मानक महानगरों के लिए था। अब इसे नगर पालिका परिषदों में भी लागू कर दिया गया है।
इसके पहले दो हजार वर्ग मीटर में केबीसी सेंटर बनाने के लिए भूमि का चयन कर शासन को भेजा गया था। अब नए निर्देश के क्रम में पालिका ने शहर से करीब छह किमी दूर ढकवा गांव में भूमि चिह्नित की है। इसे कांस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेस को सौंपी जाएगी।
राजस्व विभाग से भूमि का हस्तांतरण होने के बाद यह कार्यदायी संस्था विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करेगी। उसके बाद बजट के आवंटन के साथ निर्माण शुरू होगा। पूर्व में दो हजार वर्गमीटर भूमि नगर पालिका परिषद ने पयागीपुर में भूमि चिह्नित की थी। अब उस स्थान पर इससे संबंधित कोई निर्माण नहीं किया जाएगा।
सार्वजिनक स्थलों पर नजर आते हैं कुत्ते
सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बाद भी विभिन्न सड़कों, सार्वजनिक स्थलों, विकास भवन, कलेक्ट्रेट, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, अस्पताल, सीताकुंड, पर्यावरण पार्क, सिविल लाइन, सीताकुंड धाम आदि स्थानों पर कुत्ते झुंड में नजर आते हैं। कभी-कभी तो वे लोगों पर हमला कर देते हैं, लेकिन पालिका व प्रशासन की ओर से इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। 2025 में जिले भर में 6527 लोगों को कुत्ते काट चुके हैं। वहीं 2026 में 920 लोग इनकाशिकार बन चुके हैं।
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अधिशासी अधिकारी लालचन्द्र सरोज कहते हैं कि अभी कुत्तों के लिए कोई आश्रय स्थल न होने की वजह से धरपकड़ में बाधा आ रही है। आश्रय स्थल के लिए भूमि का चयन हो गया है। उसके निर्माण के बाद इस दिशा में विशेष प्रगति होगी। |