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दिलीप पाण्डेय, संतकबीर नगर। खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन के लिए रेलवे के इंजीनियरों की टीम जांच करेगी। इसके बाद खलीलाबाद तहसील क्षेत्र के तितौवा से सरैया तक डेढ़ किमी रेल की पटरी बिछाने का काम शुरू किया जाएगा। रेल की पटरी न धंसे,इसके लिए कार्यदायी संस्था ब्लांकेटिंग का काम तेजी से करवा रही है।
ब्लांकेटिंग का अर्थ अलग-अलग आकार के छोटे-छोटे पत्थर व इसका पाउडर आदि डालना है। जिससे रेल की पटरी के पास जलभराव न हो,पटरी न धंसे। रेल की पटरी बिछाने का काम रेलवे स्वयं करा सकती है या फिर टेंडर निकालकर किसी दूसरे कार्यदायी संस्था से करवा सकती है।
इस जनपद के लिए यह बहुत बड़ी परियोजना है। जनपद के समग्र विकास में यह महत्वपूर्ण परियोजना मील का पत्थर साबित हो सकती है। इसलिए सभी की निगाहें इस पर टिकी है।
रेल की पटरी बिछाने के लिए ब्लांकेटिंग का काम तेजी से चल रहा है
करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से शुगर मिल रोड-खलीलाबाद के पास ब्लांकेटिंग का काम जनवरी-2025 में शुरू हुआ है। यह काम क्षत्तीसगढ़ के रायपुर की कार्यदायी संस्था जेपीडब्ल्यू इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड कर रही है। रेल की पटरी के किनारे टाप स्लैब बनाने का काम जल्द पूरा हो जाएगा।
ब्लांकेटिंग हो जाने पर उस पर रेल की पटरी बिछाई जाएगी। प्रथम चरण में तितौवा से सरैया तक डेढ़ किमी रेल की पटरी बिछाने का काम शुरू होगा। इसके पूर्ण हो जाने पर दूसरे चरण का काम प्रारंभ होगा।
जिले में 35 किमी दूरी तक बिछाई जानी है रेल की पटरी
खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन 240 किमी लंबी है। इस जिले में 35 किमी दूरी तक रेल की पटरी बिछाई जानी है। नई रेल लाइन के लिए खलीलाबाद के 31 व मेंहदावल के 25 दो तहसील के 56 गांव चिह्नित हैं। इन दोनों तहसील के 5,089 प्रभावित किसानों के बैंक खाते में 365 करोड़ रुपये मुआवजा दिया जा चुका है। उनकी भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है।
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जिले में बनने हैं कुल पांच रेलवे स्टेशन
इस जनपद में खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन में कुल पांच रेलवे स्टेशन बनने हैं। इसमें पीतल नगरी के रूप में विख्यात बखिरा में हाल्ट स्टेशन के अलावा खलीलाबाद तहसील क्षेत्र के झीनखाल व गौरा गांव, मेंहदावल तहसील क्षेत्र में अतरी व गोइठहां गांव में रेलवे स्टेशन बनना है। रेलवे ने इसका नक्शा तैयार कर लिया है। डिजाइन स्वीकृत हो जाने पर उसका काम शुरू हो जाएगा।
चार अंडरपास बनकर तैयार
खलीलाबाद तहसील क्षेत्र में कुल 10 अंडरपास बनना है। प्रत्येक की लागत करीब 85 लाख रुपये है। यह कार्य जनवरी-2025 में शुरू हुआ है। मलोरना गांव में दो,बारीगांव में एक,सरैया बाईपास के पास एक यानी तीन जगहों पर कुल चार अंडरपास बनकर तैयार हो गया है।
वहीं चांदीडीहा गांव में भी दो अंडरपास बनना है,वर्तमान में दोनों का मेन बाक्स बनाया जा रहा है। इसी तरह इसी तहसील क्षेत्र के मकदूमपुर गांव में एक अंडरपास का मेन बाक्स बनाया जा रहा है।
इस प्रकार दो जगहों पर तीन अंडरपास का मेन बाक्स बनाने का काम चल रहा है। ग्रामीणों की मांग पर इस तहसील क्षेत्र के देवापार,नाऊडांड़ व मलोरना गांव में एक-एक कुल तीन अंडरपास बनना है। रेलवे इसकी डिजाइन बना रहा है। इसके बन जाने पर कार्यदायी संस्था काम शुरू कर देगी।
5,089 किसानों को मिल चुके हैं 365 करोड़ मुआवजा
यह नई रेल लाइन 240 किमी लंबी है। इस जनपद में 35 किमी दूरी तक रेल की पटरी बिछनी है। इसके लिए खलीलाबाद तहसील के 31 व मेंहदावल तहसील के 25 इन दो तहसील के 56 गांव चिह्नित हैं।
इन गांवों के करीब छह हजार किसानों की भूमि अधिग्रहित की जानी है। अब तक इन दोनों तहसील के 5,089 प्रभावित किसानों के बैंक खाते में 365 करोड़ रुपये मुआवजा भेजा जा चुका है। इन दोनों तहसील के गांवों में तहसील प्रशासन के सहयोग से 145 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है।
इस महत्वपूर्ण परियोजना की नियमित मानीटरिंग की जा रही है। बीच-बीच में रेलवे व कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से वार्ता की जा रही है। इसे जल्द पूर्ण कराने की कोशिश की जा रही है। -
-आलोक कुमार-डीएम। |
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