कैप्शन: कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा और सीएम नायब सैनी (जागरण)
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में 16 मार्च को अन्य राज्यों के साथ-साथ हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों पर भी चुनाव होगा। चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों ने कमर कस ली है। इस बार राज्यसभा चुनाव काफी दिलचस्प होने वाला है। जहां एक ओर मौजूदा समय में दो सीटों पर भाजपा के राज्यसभा सदस्य हैं। वहीं, इस बार कांग्रेस भी एक सीट पर बाजी मार सकती है।
राज्यसभा चुनाव की वोटिंग का यह रहता है फॉर्मूला
राज्यसभा के चुनाव में विधायक हिस्सा लेते हैं। राज्यसभा चुनाव की वोटिंग का एक फॉर्मूला होता है। राज्य में जितनी राज्यसभा सीटें खाली हैं, उसमें एक जोड़ा जाता है। फिर उसे कुल विधानसभा सीटों की संख्या से भाग दिया जाता है। इससे जो संख्या आती है, उसमें फिर एक जोड़ दिया जाता है।
हरियाणा में दो राज्यसभा सीटों के लिए वोटिंग होनी है। इसमें एक जोड़ा तो संख्या बन गई तीन। हरियाणा में विधानसभा सीटों की संख्या 90 है, इसे तीन से भाग दिया तो संख्या आई 30 अब इसमें एक जोड़ा तो संख्या आई 31। यानी, राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 31 विधायकों के वोट की जरूरत होगी।
इस तरह 51 विधायकों वाली भाजपा व 37 विधायकों वाली कांग्रेस के हिस्से में एक-एक सीट आएगी। राज्यसभा चुनाव के लिए सभी विधायक सभी उम्मीदवारों के लिए वोट नहीं करते हैं। एक विधायक एक ही बार वोट कर सकता है। उन्हें बताना पड़ता है कि पहली पसंद कौन।
भाजपा और कांग्रेस का गणित
भाजपा पक्ष
- कुल वोट: 51
- जरूरी: 31
- अतिरिक्त: 20 वोट
- भाजपा आराम से 1 सीट पक्की कर सकती है।
कांग्रेस पक्ष
- कुल वोट: 37
- जरूरी: 31
- अतिरिक्त: 6 वोट
- कांग्रेस भी 1 सीट निकाल सकती है, लेकिन सिर्फ तभी जब क्रॉस वोटिंग न हो। कांग्रेस के सात विधायक भी टूटे तो कांग्रेस की सीट खतरे में पड़ सकती है।
कांग्रेस में ये नाम चल रहे
हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी बीके हरिप्रसाद और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चौधरी उदयभान का नाम पार्टी में चर्चा में है। हरियाणा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर का नाम भी लिया जा रहा है। पिछले चुनाव में कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता अजय माकन को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन क्रॉस वोटिंग के चलते वह हार गये थे।
बीजेपी के ये नाम चर्चा में
बीजेपी के दो राज्यसभा सदस्यों रामचंद्र जांगड़ा और किरण चौधरी फिलहाल सांसद है। पंचकूला की रेखा शर्मा को राज्यसभा भेजकर बीजेपी सबको चौंका सकती है।
इस बार भी कोई नया नाम सामने नहीं आया है। भाजपा के राजनीतिक गलियारों में राज्यसभा के लिए इस समय पूर्व सीएम स्व. भजनलाल के पूर्व सांसद बेटे कुलदीप बिश्नोई का नाम चर्चा में है। पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्या भी दावेदारों में शामिल है और अंबाला के पूर्व सांसद स्व. रतनलाल कटारिया की पत्नी बंतो कटारिया और सिरसा की पूर्व एमपी सुनीता दुग्गल के साथ करनाल के पूर्व सांसद संजय भाटिया और पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर के साथ पूर्व मंत्री असीम गोयल के नामों की भी चर्चा है।
यह भी पढ़ें- हरियाणा: निकाय चुनावों के साथ ही पंचायतों में रिक्त पदों पर होगा उपचुनाव, 27 मार्च को प्रकाशित होंगी अंतिम मतदाता सूचियां |