सीबीगंज में तैयार हुआ आइटी पार्क का विहंगम भवन। जागरण
कमलेश शर्मा, बरेली। दिल्ली में हुई एआइ इंपैक्ट समिट-2026 से यह बात तो साफ हो गई है कि अब छोटी-छोटी गतिविधियों में भी एआइ का दखल होने वाला है। वक्त के साथ बदलाव नहीं करने वाले लोग और सिस्टम पीछे रह जाएंगे। रुहेलखंड में इसकी तैयारी तो तीन वर्ष पहले शुरू कर दी गई थी।
आइटी सेक्टर में सक्रियता बढ़ाने के लिए 18 करोड़ रुपये की लागत से साफ्टवेयर टेक्नोलाजी पार्क्स आफ इंडिया (एसटीपीआइ) भवन का निर्माण पूर्ण करा लिया है। इसका शुभारंभ पिछले महीने होना था, लेकिन इसमें एआइ यूनिट का विस्तार किए जाए के कारण फिलहाल टाल दिया है।
साफ्टवेयर टेक्नोलाजी पार्क्स आफ इंडिया का नाम सुनते ही जेहन में दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई के बड़े आइटी संस्थानों की तस्वीर उभरती है, लेकिन अब इसकी तस्वीर बरेली में भी दिखने लगी है। शहर में दिल्ली रोड पर सीबीगंज क्षेत्र के खलीलपुर में तीन मंजिला आइटी पार्क की बिल्डिंग को देखकर एहसास होने लगा है कि नाथनगरी अब देश के बड़े शहरों की पंक्ति में शामिल होने के कगार पर पहुंच चुकी है।
इनफार्मेंशन टेक्नोलाजी (आइटी) सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) के बढ़ते उपयोग को देखते हुए माना जा रहा है कि बरेली का आइटी पार्क आसपास के जिलों तक ही नहीं उत्तराखंड तक के लिए उपयोगी रहेगा। प्रशासन ने साफ्टवेयर टेक्नोलाजी पार्क्स आफ इडिया (एसटीपीआइ) को जगह 30 वर्ष के लिए आठ हजार वर्ग मीटर भूमि लीज पर उपलब्ध कराई है।
गाजियाबाद की वीके कंस्ट्रक्शन कंपनी आइटी पार्क का निर्माण पूर्ण करा चुकी है। इसमें दो बड़े सेक्टर बनाए जा रहे हैं, जिसमें डेटा सेंटर, इंक्यूबेशन सेंटर होंगे। आडिटोरियम, कांफ्रेंस हाल, मीटिंग रूम, कैफेटेरिया का निर्माण कराया जाएगा। अब इसमें एआइ की यूनिट लगवाने की भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
आइटी पार्क को लेकर केंद्रीय राज्यमंत्री वाणिज्य एवं उद्योग इलेक्ट्रानिकी जितिन प्रसाद बेहद गंभीर हैं। उन्होंने देश की नामचीन आइटी कंपनियों से निवेश के लिए संपर्क भी किया है। एआइ इंपैक्ट समिट से कई बेहतर विकल्प मिलने की संभावना जताई जा रही है। बाहर से आकर यूनिट लगाने वाली प्रोडेक्ट डेवलपमेंट और रिसर्च बेस कंपनियों को तीन वर्ष तक किराये में छूट दी जा रही है।
सर्विस बेस कंपनियों को पहले वर्ष में 20 प्रतिशत, दूसरे में 15 प्रतिशत और तीसरे वर्ष में 10 प्रतिशत की छूट देने का प्रविधान किया है। स्टार्टअप लगाने की तैयारी कर रहे उद्यमी यहां आकर अपना काम आसानी से कर सकेंगे। आइटी पार्क का दोहरा फायदा होगा, एक तो कंपनियों के न्यूनतम खर्च पर कार्यालय खुल जाएंगे जिनमें कम वेतन पर कार्मिक मिल जाएंगे।
यहां से आगरा, बिजनौर, लखीमपुर खीरी ही नहीं उत्तराखंड तक आसानी से कवर कर सकेंगे। दूसरा फायदा रुहेलखंड के उन युवाओं को मिलेगा जो आइटी सेक्टर मुंबई, बेंगलुरु, दिल्ली जाकर काम कर रहे हैं।
उन्हें बरेली में ही काम करने का अवसर मिल सकेगा। कितनी आइटी कंपनियों से एएमयू हुआ है, इसको अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। एआइ इंपैक्ट समिट के बाद आइटी पार्क में गतिविधियां बढ़ जाएंगी। मार्च में इसका शुभारंभ हो जाने की संभावना जताई जा रही है।
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