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जागरण संवाददाता, शेखपुरा। अगले अप्रैल से पूरे देश में मनरेगा अतीत की बात रह जाएगी और इसके स्थान में नया कानून विकसित भारत जी राम जी अपना स्थान ले लेगा। इस बीच जाते-जाते शेखपुरा जिला के मनरेगा में घपले-घोटाले का नया मामला सामने आया है।
इसको लेकर साक्ष्य के साथ जिलाधिकारी को लिखित आवेदन देकर समूचे प्रकरण की जांच कराने की मांग की गई है। घपले-घोटाले का यह मामला जिला के अरियरी प्रखंड के चोरवर पंचायत में सामने आया है। पंचायत के बरसा गांव निवासी अवधेश मोची ने यह आवेदन जिलाधिकारी को दिया है।
मनरेगा की यह गड़बड़ी पंचायत की 2023-24 से जुड़ा बताया गया है। शिकायत के अनुसार फर्जी नामों पर मनरेगा का जॉब कार्ड बनाकर ऐसे लोगों से मनरेगा में मिट्टी का काम कराकर लाखों रुपये की निकासी की गई है।
सेविका,सहायिका,रसोइया के नाम पर पैसा
शिकायतकर्ता अवधेश मोची ने बताया उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत चोरवर पंचायत में कराए 2023-24 के मनरेगा की जानकारी लेने में यह घपला पाया। अब जिला प्रशासन से इसकी जांच कराने को आवेदन दिया है।
अवधेश ने बताया सूचना के अधिकार के तहत जो जानकारी मिली है उसके अनुसार पंचायत के जंगलीबीघा गांव में आंगनबाड़ी की सहायिका तथा सरकारी विद्यालय की रसोइयों के नाम से भी जॉब कार्ड बनाकर राशि निकाली गई। एक पुरुष की तीन-तीन पत्नियों के नाम से राशि निकाली गई।
ऐसे लोगों के नाम से जारी जॉब कार्ड तथा मजदूरी में भुगतान की गई राशि के ब्यौरे के साथ जांच का आवेदन दिया गया है।
फर्जी नामों की सूची
पूनम देवी तथा मुंकी देवी दोनों प्राथमिक विद्यालय जंगली बीघा में रसोइया हैं। इसके अलावे आरती तनुजा मसौढा बेलदरिया में आंगनबाड़ी सहायिका हैं। इसी तरह जंगली बीघा के ग्रामीण राम बृक्ष चौहान की तीन पत्नियों पूनम देवी,पिंकी देवी तथा जीरा देवी के नाम से जॉब कार्ड जारी करके मनरेगा की मजदूरी का भुगतान किया गया है।
अवधेश रविदास ने बताया एक और पुरुष की तीन पत्नियों मंगुरी देवी,दयवंती देवी,सर्विन देवी के नाम से मनरेगा की मजदूरी का भुगतान किया गया है।
अगर इस तरह की गड़बड़ी है और साक्ष्य के साथ इसकी लिखित शिकायत की गई है तो समूचे प्रकरण की जांच अवश्य की जाएगी। जांच में शिकायत सही मिली तो गड़बड़ी में शामिल कर्मियों-अधिकारियों की जिम्मेवारी तय करके कार्रवाई की जाएगी। -संजय कुमार,उप विकास आयुक्त। |
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