आठवां वेतन आयोग छह माह के भीतर लागू किया जाए
जागरण संवाददाता, पटना। रेलवे कर्मचारियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए 16 और 17 फरवरी को नई दिल्ली में डीसी/जेसीएम (डिपार्टमेंटल काउंसिल एवं ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी) की स्थायी समिति तथा आल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (एआइआरएफ) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एआइआरएफ के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा ने की। रेलवे बोर्ड की ओर से चेयरमैन एवं सीईओ भी मौजूद रहे।
कर्मचारी संगठनों ने उठाई वेतन की मांग
बैठक में ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन (ईसीआरकेयू) के महामंत्री एस एन पी श्रीवास्तव, एस एस डी मिश्रा सहित कई प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और सेवा शर्तों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। यूनियन नेताओं ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों पर अब ठोस निर्णय लिया जाना चाहिए।
छह माह में लागू हो आठवां वेतन आयोग
एआइआरएफ के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा और ईसीआरकेयू के महामंत्री एस एन पी श्रीवास्तव ने जोर देकर कहा कि आठवां वेतन आयोग छह माह के भीतर लागू किया जाए। उनका कहना था कि बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत को देखते हुए वेतन पुनरीक्षण अत्यंत आवश्यक है। कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए समयबद्ध निर्णय जरूरी है।
51,480 रुपये मूल वेतन का प्रस्ताव
बैठक में प्रस्ताव रखा गया कि आठवें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम मूल वेतन 51,480 रुपये निर्धारित किया जाए। यूनियन प्रतिनिधियों का तर्क था कि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों में यह राशि कर्मचारियों के लिए उचित होगी। उन्होंने कहा कि इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और कार्यक्षमता में भी सुधार आएगा।
वार्षिक वेतन वृद्धि भी हो सुनिश्चित
ईसीआरकेयू के मीडिया प्रभारी ए के शर्मा ने बताया कि वेतन पुनरीक्षण के साथ-साथ कर्मचारियों को देय वार्षिक वेतन वृद्धि भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वेतन आयोग लागू होने के बावजूद यदि नियमित वृद्धि नहीं होगी तो कर्मचारियों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाएगा।
सरकार से शीघ्र निर्णय की अपील
बैठक में यह भी कहा गया कि रेलवे एवं केंद्र सरकार के कर्मचारियों के हितों की रक्षा सर्वोपरि है। कर्मचारी संगठनों ने केंद्र सरकार से मांग की कि इस दिशा में जल्द आवश्यक कदम उठाए जाएं। नेताओं ने उम्मीद जताई कि सरकार सकारात्मक पहल करते हुए कर्मचारियों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। |