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ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। भारत में कई निर्माताओं की ओर से कई बेहतरीन कारों को ऑफर किया जाता है। देश में अभी के मुकाबले 20वीं सदी में भी कई कारों को ऑफर किया जाता था। उस दौर में सड़कों पर किन कारों का राज होता था। किन कारों को लोग सबसे ज्यादा पसंद करते थे। हम आपको इस खबर में बता रहे हैं।
Ambassador Car
भारत में हिंदुस्तान मोटर की ओर से कई कारों को 20वीं सदी में बिक्री के लिए उपलब्ध करवाया जाता था। इनमें से एक कार अंबेसडर थी, जिसे न सिर्फ आम लोग बल्कि बड़े बड़े नेता भी काफी पसंद करते थे। इसके डिजाइन और मजबूती के कारण इसे द टैंक नाम से भी जाना जाता था। इसको 1957 में पहली बार ऑफर किया गया था और 2014 में इसे बंद कर दिया गया था।
Fiat Premier
अंबेसडर के साथ ही उस दौर में जिस गाड़ी को सबसे ज्यादा पसंद किया जाता था उनमें फीएट की प्रीमियर कार भी शामिल थी। इसे फिएट के लाइसेंस के साथ प्रीमियर ऑटोमोबाइल की ओर से ऑफर किया जाता था। इसकी शुरुआत 1964 से हुई थी और 2001 में इसे बंद किया गया था। लेकिन फिर भी कई सालों तक इसे मुंबई में काली पीली टैक्सी के तौर पर चलाया जा रहा था।
Maruti 800
मारुति की ओर से भी देश में पहली कार के तौर पर मारुति 800 को ऑफर किया गया था। इसे 1983 में पहली बार लॉन्च किया गया था और तब यह आम लोगों की कार के तौर पर देश में काफी पसंद की गई थी। इसको 2014 में बंद कर दिया गया था।
Contessa Car
हिंदुस्तान मोटर की ओर से अंबेसडर के अलावा भी एक और कार को 20वीं सदी में ऑफर किया जाता था, जिसे कोंटेसा नाम से जाना जाता था। यह कार भी अपने समय में कई लोगों की पसंद थी। इसे 1984 में ऑफर किया गया था और 2002 में बंद कर दिया गया था। इसे 80 के दशक में मसल सेडान के तौर पर भी जाना जाता था।
Maruti Gypsy
मारुति की ओर से 800 के साथ ही जिप्सी को भी 1985 में ऑफर किया गया था। ऑफ रोडिंग की क्षमता के साथ आने वाली इस कार को कई रैली में भी अलग पहचान मिली थी। लेकिन इसे सबसे ज्यादा उपयोग पुलिस और सेना की ओर से किया जाता था। अभी भी सेना और पुलिस के पास जिप्सी की कई कारें मौजूद हैं। इसे भारत में 1985 से 2019 तक ऑफर किया गया था।
Tata Sierra
टाटा मोटर्स भी भारत में नई जेनरेशन सिएरा को लॉन्च कर चुकी है। लेकिन असली सिएरा को तो 1991 में पेश किया गया था। संभवत: यह भारत की पहली एसयूवी के तौर पर ऑफर की गई थी। जिसे 2003 में बंद कर दिया गया था।
Tata Sumo
टाटा की ओर से सिएरा के साथ ही सूमो को भी ऑफर किया जाता था। यह गाड़ी 1994 में ऑफर की गई थी और 2019 में बंद होने से पहले इसे पारिवारिक गाड़ी के साथ ही 90 के दशक की टैक्सी के तौर पर भी अलग पहचान मिली थी। क्या आपको लगता है कि भारतीय सड़कों पर पुरानी कारों का दौर आज की आधुनिक कारों से ज़्यादा यादगार था? हाँ, वे ज़्यादा खास थीं। नहीं, आज की कारें बेहतर हैं। Vote Please select atleast one option Vote added succesfully |
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