ग्रेटर नोएडा वेस्ट की आबादी मेट्रो की सुविधा से वंचित है। फोटो: आर्काइव
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की लाखों की आबादी मेट्रो सुविधा से वंचित है। सार्वजनिक परिवहन के नाम पर यहां पर ऑटो और ई-रिक्शा पर निर्भरता हैं। मेट्रो परियोजना यहां फाइलों में अटकी हुई हैं।
लंबित समस्या के खिलाफ नेफोवा फाउंडेशन के नेतृत्व में स्थानीय लोग अब सड़कों पर उतर आए हैं। संगठन ने 15 मार्च को दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर बड़े पैमाने पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
प्रदर्शन में भारी संख्या में लोग शामिल हो सकते हैं। क्षेत्र में घनी आबादी के बावजूद रोजाना घंटों जाम में फंसना, समय की बर्बादी, ईंधन और स्वास्थ्य पर बढ़ता बोझ निवासियों को परेशान कर रहा है।
नेफोवा के अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने बताया कि 2024 लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने मेट्रो की फाइल केंद्र को भेज दी थी, लेकिन तब से अब तक यह लंबित है। तीन बार डीपीआर निरस्त कर रूट बदला गया, और अभी भी पीएमओ में फाइल रोकी हुई है।
उन्होंने कहा कम आबादी वाले इलाकों में मेट्रो मंजूर हो रही है, लेकिन यहां की अनदेखी हो रही है। हम दिल्ली जाकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
निवासी दीपांकर कुमार ने उम्मीद जताई कि इस प्रदर्शन से मेट्रो विस्तार को जल्द मंजूरी मिलेगी और परियोजना पटरी पर आएगी। मेट्रो ग्रेटर नोएडा वेस्ट की जरूरत है। निवासी इस सुविधा के लिए लंबे समय से प्रयास कर रहे हैंं।
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