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संभल का सियासी संग्राम: पिता के चुनाव लड़ने के ऐलान पर सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने तोड़ी चुप्पी, दिया बड़ा बयान!

deltin33 1 hour(s) ago views 357
  

सांसद जियाउर्रहमान बर्क



जागरण संवाददाता, संभल। पिता ममलूकुर्रहमान बर्क के द्वारा संभल विधानसभा से चुनाव लड़ने का ऐलान के बाद अब सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने भी चुप्पी तोड़ दी है। उन्होंने कहा है कि टिकट के लिए दावेदारी करना गलत नहीं है। वह हर किसी का अधिकार है। उनके पिता ने भी विधानसभा से टिकट मांगने की बात कहीं है। ये उन्हें मालूम हैं। अब अगला निर्णय पार्टी का शीर्ष नेतृत्व तय करेगा कि टिकट किसे दिया जाएं। हां, इतना जरूर है कि पार्टी जिसे भी टिकट देगी, उसका चुनाव लड़ाया जाएगा।

उन्‍होंने कहा क‍ि संभल में कई लोग टिकट की लाइन में खड़े हैं। सदर विधायक महमूद इकबाल के बेटे सुहैल इकबाल को चुनाव लड़ाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी जिसे टिकट देगी, उसे चुनाव लड़ाया जाएगा। बता दें कि तीन फरवरी को सांसद के पिता ममलूकुर्रहमान बर्क का एक वीडियो प्रसारित हुआ था। जिसमें उन्होंने संभल सदर विधानसभा-33 से विधायकी का चुनाव लड़ने का ऐलान किया था।

वीडियो में उन्होंने कहा था कि इंशाल्लाह संभल विधानसभा से चुनाव लड़ेंगे। कहा था कि जनता मेरे साथ, टिकट भी सपा से ही मिलेगा, किसी ऐरे-गैरे को नहीं। समाजवादी पार्टी में हैं और उन्हें पूरा भरोसा है कि सपा से विधानसभा टिकट उन्हें ही मिलेगा, क्योंकि उनके साथ आवाम है।

इसके बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल द्वारा टिकट की दावेदारी के बारे में कहा कि दावा तो कोई भी कर सकता है, लेकिन असली फैसला वक्त करता है। टिकट और नुमाइंदगी उसी को मिलनी चाहिए, जो जनता की आवाज सही तरीके से उठा सके और उनके हक की लड़ाई लड़े।

काबिलेगौर है कि दोनों परिवारों (बर्क व इकबाल) में कई दशक से एक ही पार्टी में रहने के बाद भी छत्तीस का आंकड़ा चल रहा है। पहले विधायक इकबाल महमूद और सांसद के दादा डा. शफीकुर्रहमान बर्क एक दूसरे के विरोध में रहे। 2023 में निकाय चुनाव में संभल नगर पालिका से विधायक की पत्नी के सपा से लड़ने पर तत्कालीन सांसद डा. बर्क ने निर्दलीय प्रत्याशी खड़ा कर दिया।

हालांकि, दोनों ही पराजित रहे। 2024 में डा. बर्क का निधन होने पर सपा मुखिया अखिलेश यादव के साथ विधायक उनके आवास पर गए। इसके बाद दोनों परिवारों में एकजुटता मानी जा रही थी। लेकिन, 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद सर्वे के विरोध में हुई हिंसा में सांसद और विधायक को भी नामजद किया गया।

पुलिस जांच में विधायक के बेटे को क्लीन चिट मिल गई। जबकि, सांसद के खिलाफ चार्जशीट लगी है। इसके बाद फिर दोनों परिवार आमने-सामने आ गए हैं। पिता ममलूकुर्रहमान बर्क के बयान के बाद सदर विधायक इकबाल महमूद ने इस संबंध में सांसद जियाउर्रहमान बर्क की राय के लिए कहा था। उसी के बाद अब सांसद ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए बयान दिया है।

  

यह भी पढ़ें- यूपी की इस हॉट सीट पर \“बर्क परिवार\“ का बड़ा धमाका, सांसद के पिता ने किया चुनाव लड़ने का ऐलान; मची खलबली
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