पूर्व प्रोफेसर निवेदिता मेनन ने विद्यार्थियों को ‘ग्लोबल साउथ’ विषय पर व्याख्यान दिया। फोटो- जागरण
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में जारी छात्र हड़ताल के बीच शिक्षा का अनोखा दृश्य देखने को मिला, बंद कक्षाओं के कारण छात्रों ने खुले लॉन को ही क्लासरूम बना लिया। पूर्व प्रोफेसर निवेदिता मेनन ने खुले आसमान के नीचे विद्यार्थियों को ‘ग्लोबल साउथ’ विषय पर व्याख्यान दिया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए और सक्रिय सहभागिता दिखाई।
पिछले एक सप्ताह से जेएनएसयू की हड़ताल के कारण नियमित कक्षाएं बाधित हैं। छात्रों का कहना है कि पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत लॉन में क्लास आयोजित की गई। इस दौरान छात्र संघ अध्यक्ष अदिति मिश्रा ने विश्वविद्यालय प्रशासन और कुलगुरु पर संवाद से बचने तथा भ्रामक जानकारी देने के आरोप लगाए।
उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रशासनिक निर्णय छात्रों की आवाज दबाने के उद्देश्य से लिए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
छात्र संघ का आरोप है कि हालिया लाइब्रेरी तोड़फोड़ प्रकरण के बाद चार पदाधिकारियों और एक पूर्व अध्यक्ष का निलंबन अनुचित है। आंदोलन को जेएनयूटीए और पूर्व छात्र नेता कन्हैया कुमार सहित कई पूर्व छात्रों का समर्थन मिला है। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर खुले में कक्षाएं चलती रहेंगी, ताकि विरोध के साथ पढ़ाई भी जारी रहे। |
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