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भड़काऊ बातें और भारत का विरोध... जाते-जाते भी जहर उगल गए यूनुस, आखिरी भाषण में किया सेवन सिस्टर्स का जिक्र

Chikheang 1 hour(s) ago views 599
  

बांग्लादेश के नेता मोहम्मद यूनुस। (फाइल फोटो)



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बांग्लादेश में लोकतांत्रिक हालात को बहाल करने और कमजोर अल्पसंख्यकों की रक्षा करने में पूरी तरह से नाकाम रहे मोहम्मद यूनुस ने अपने विदाई भाषण में भी भड़काऊ बातें की और भारत के खिलाफ जहर उगला।

शेख हसीना के तख्तापलट के बाद यूनुस ने अंतरिम सरकार का नेतृत्व किया लेकिन उनके नेतृत्व में बांग्लादेश के भीतर इस्लामिक विद्रोह भड़का और हिंदू अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया गया। कानून और व्यवस्था को लेकर उनकी लगातार आलोचना हुई।
\“दूसरे के निर्देशों पर नहीं चलता बांग्लादेश\“

अपने भाषण में उन्होंने कहा कि बांग्लादेश ने विदेश नीति में अपनी संप्रभुता, सम्मान और आजादी वापस पा ली है और अब वह दूसरे के निर्देशों पर नहीं चलता है। उनकी इस कथनी को भारत के लिए समझा गया है, जो वर्षों से बांग्लादेश की मदद करता आया।

उन्होंने नेपाल, भूटान और सेवन सिस्टर्स को जोड़ते हुए भविष्य के आर्थिक एकीकरण की बात की। बता दें कि सेवन सिस्टर्स को अक्सर भारत के नॉर्थ ईस्ट राज्यों के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

यूनुस ने कहा, “हमारे खुले समुद्र सिर्फ बॉर्डर नहीं हैं, वे ग्लोबल इकॉनमी के गेटवे हैं। नेपाल, भूटान और सेवन सिस्टर्स के साथ इस इलाके में बहुत ज्यादा आर्थिक क्षमता है। इकॉनमिक जोन, ट्रेड एग्रीमेंट और ड्यूटी-फ्री मार्केट एक्सेस हमें ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर बना सकते हैं।“

इस तरह की बातों से नई दिल्ली में हैरानी हो सकती है। सालों से, भारत ने अपने नॉर्थ-ईस्ट को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने के लिए बांग्लादेश के जरिए कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स में भारी इन्वेस्ट किया है।
चीन, जापान और अमेरिका से रिश्तों पर जोर

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार चलाने वाले नेता ने चीन, जापान, अमेरिका और यूरोप के साथ गहरे होते रिश्तों पर जोर दिया। उन्होंने चीन के सपोर्ट वाले प्रोजेक्ट्स पर हुई प्रोग्रेस का जिक्र किया, जिसमें तीस्ता नदी पहल भी शामिल है। यह भारत के रणनीतिक रूप से जरूरी सिलीगुड़ी कॉरिडोर के पास है।

यूनुस ने कहा, “हमने चीन के साथ भी सहयोग बढ़ाया है। तीस्ता नदी प्रोजेक्ट और निलफामारी में 1,000 बेड वाले इंटरनेशनल हॉस्पिटल पर काफी तरक्की हुई है।“ यूनुस ने कहा कि बांग्लादेश ने किसी भी हमले का मुकाबला करने के लिए अपनी सेना को मजबूत करना शुरू कर दिया है।
उनके भाषण में बांग्लादेश में हिंसा का जिक्र नहीं

उनके भाषण में अंतरिम सरकार के सांप्रदायिक हिंसा से ठीक से निपटने के तरीके पर कोई बात नहीं हुई, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा में हुई गलतियों को स्वीकार नहीं किया गया और हिंदू नागरिकों के बीच डर को भी नहीं माना गया, जो उथल-पुथल के समय में भरोसे के लिए सरकार की तरफ देख रहे थे।

यूनुस ने अपनी विदेश नीति के भारत विरोधी रवैये और पाकिस्तान के पक्ष में झुकाव की आलोचना के बीच कहा, “विदेश नीति में हमने बांग्लादेश की संप्रभुता, राष्ट्रीय हित और सम्मान को मजबूती से बहाल किया है। बांग्लादेश अब दूसरों के कहने या उनके कहने पर चलने वाला नहीं है। आज का बांग्लादेश आत्मविश्वासी, सक्रिय और जिम्मेदार है। हम आपसी सम्मान और हित के आधार पर रिश्ते बनाने और रणनीतिक संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।“

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