जागरण संवाददाता, वाराणसी। इस वर्ष का पहला ग्रहण मंगलवार को सूर्य ग्रहण के रूप में घटित होने जा रहा है लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए इस पर सूतक काल मान्य नहीं होगा। धार्मिक दृष्टि से भारत में इसका कोई प्रभाव नहीं माना जाएगा।
बीएचयू के ज्योतिष विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. विनय कुमार पांडेय ने बताया कि वर्ष का यह पहला सूर्य ग्रहण मंगलवार की दोपहर 3:26 बजे से लेकर शाम 7:57 बजे तक रहने वाला है। यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, जिसमें सूर्य किसी चमकदार छल्ले की तरह दिखाई देगा।
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वैज्ञानिक इसे \“रिंग ऑफ फायर\“ कहते हैं। प्रो. पांडेय ने बताया कि इस वर्ष चार ग्रहण की घटनाएं सामने आएंगी जिनमें दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्रग्रहण शामिल हैं मगर इनमें से भारत में केवल एक का दृश्य दिखेगा और उसी का प्रभाव भी पड़ेगा।
यह आगामी तीन मार्च को लगने वाला खग्रास उदित चंद्रग्रहण है जो भारत में देखा जाएगा। जबकि अन्य तीन ग्रहण देश में नहीं देखे जा सकेंगे। |
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