रोहतास स्थित पश्चिमी मुख्य नहर। जागरण
उपेंद्र मिश्र, डेहरी-ऑन-सोन (रोहतास)। डेढ़ शताब्दी पुरानी पश्चिमी मुख्य नहर के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। डेहरी फाॅल से 18.50 किमी तक नहरों का पक्कीकरण किया जाएगा, जिस पर लगभग 518 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
यह कार्य बिहार जल सुरक्षा एवं सिंचाई आधुनिकीकरण परियोजना के तहत किया जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत सोन कैनाल सिस्टम की पश्चिमी मुख्य नहर के डेहरी फाल से 7.10 किमी तथा आगे 18.70 किमी तक के हिस्से का आधुनिकीकरण किया जाएगा।
टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में
बिहार जल संसाधन विभाग के अनुसार इस परियोजना को दो भागों में विभाजित कर पहले ही टेंडर आमंत्रित किए जा चुके हैं। तकनीकी बिड में एक दर्जन से अधिक एजेंसियों के प्रस्ताव उपयुक्त पाए गए हैं।
परियोजना की वित्तीय बिड 23 फरवरी को खोली जाएगी। इसके बाद चयनित एजेंसी को कार्यादेश जारी किया जाएगा और निर्माण कार्य प्रारंभ होगा।
सिंचाई क्षमता बढ़ाने पर फोकस
परियोजना का मुख्य उद्देश्य नहरों की कार्यक्षमता और जीवनकाल बढ़ाना है, जिससे क्षेत्र में सिंचाई और जल आपूर्ति व्यवस्था में व्यापक सुधार हो सके। नहर लाइनिंग से पानी का रिसाव कम होगा और जल संचयन क्षमता में वृद्धि होगी।
सीमेंट कंक्रीट लाइनिंग से होगा कार्य
नहर के तल और किनारों पर सीमेंट कंक्रीट लाइनिंग की जाएगी, जिसमें सीमेंट और बालू के मिश्रण का उपयोग होगा। यह विधि मजबूत, टिकाऊ और लंबे समय तक प्रभावी मानी जाती है।
ऐतिहासिक नहर, जर्जर हो चुकी थी
गौरतलब है कि वर्ष 1872 में एनिकट सोन बराज के निर्माण के दौरान इस नहर का निर्माण किया गया था। लंबे समय से समुचित रखरखाव नहीं होने के कारण नहर की स्थिति जर्जर हो गई थी, जिससे इसकी सिंचाई क्षमता में लगातार कमी आ रही थी।
क्या कहते हैं अधिकारी
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता अजय कुमार सिंह ने बताया कि दो भागों में डेहरी फाल से 18.50 किमी तक नहर पक्कीकरण के टेंडर की वित्तीय बिड 23 फरवरी को खोली जाएगी। एजेंसी चयन के बाद निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराया जाएगा।
नहर लाइनिंग के फायदे
पानी का रिसाव कम होगा
नहर की जल संचयन क्षमता बढ़ेगी
नहर का जीवनकाल बढ़ेगा
रखरखाव की लागत में कमी आएगी
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