राज्यपाल की आपत्तियों के बावजूद विधानसभा ने दो बिल पुनः पारित किए (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने राज्यपाल की आपत्तियों के बावजूद दो महत्वपूर्ण विधेयक, रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) संशोधन विधेयक और हिमाचल प्रदेश नगर निगम संशोधन विधेयक, बिना किसी बदलाव के फिर से पारित कर दिए।
रियल एस्टेट विधेयक में RERA अध्यक्ष चयन समिति का प्रमुख मुख्य सचिव को बनाने का प्रस्ताव है, जबकि नगर निगम विधेयक में महापौर और उपमहापौर का कार्यकाल पांच साल करने की बात है।
बता दें, यह बिल असेंबली के विंटर सेशन में पास हुआ था और गवर्नर की मंजूरी का इंतजार कर रहा था। हालांकि, गवर्नर ने कुछ एतराज के साथ बिल को दोबारा सोचने के लिए लौटा दिया था, लेकिन हाउस ने बिना किसी बदलाव के बिल को फिर से पास कर दिया।
यह बिल रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) के चेयरमैन और मेंबर्स को अपॉइंट करने वाली कमेटी का चेयरपर्सन चीफ सेक्रेटरी को बनाने की मांग करता है, हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की जगह। बिल को बिना किसी बदलाव के वॉइस वोट से पास कर दिया गया।
असेंबली ने हिमाचल प्रदेश म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन अमेंडमेंट बिल भी पास कर दिया, जिसमें मेयर और डिप्टी मेयर का टर्म ढाई साल से बढ़ाकर पांच साल करने की मांग की गई है। ऑर्डिनेंस की जगह लेने वाले इस बिल को भी गवर्नर ने दोबारा सोचने के लिए लौटा दिया था, लेकिन असेंबली ने इसे फिर से इसके ओरिजिनल फॉर्म में पास कर दिया।
एजेंसी इनपुट के साथ... |