दलित बस्ती की पानी सप्लाई रोकी। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा के बलांगीर जिले के तुरेकेला ब्लॉक अंतर्गत डुमेरचुआं गांव से जाति-आधारित भेदभाव के गंभीर आरोप सामने आए हैं। गांव की एक दलित बस्ती के निवासियों का आरोप है कि उनकी पानी की आपूर्ति और अन्य बुनियादी सुविधाओं को जानबूझकर बाधित किया गया है।
निवासियों के अनुसार, कुछ दिन पहले ही इलाके में पाइप से आने वाली पानी की आपूर्ति बंद कर दी गई। इसके अलावा, बस्ती की स्ट्रीट लाइटें भी बंद कर दी गईं, जिससे पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया है और वहां रहने वाले परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
निवासियों ने लगाए गंभीर आरोप
दलित परिवारों के पुरुषों और महिलाओं ने आरोप लगाया है कि कुछ गांववासी उनके साथ जाति के आधार पर भेदभाव कर रहे हैं। उनका कहना है कि स्थानीय प्रशासन से बार-बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
एक निवासी ने कहा, “अन्य लोगों के पास बिजली और पानी की सुविधा है, लेकिन हमें इससे वंचित रखा गया है। जब हमने बोरवेल के जरिये पानी की व्यवस्था करने की कोशिश की, तो हमें ऐसा करने नहीं दिया गया। हम अपने बच्चों के साथ बेहद कठिन परिस्थितियों में जी रहे हैं।“
उन्होंने कहा, “हमें साफ़ पीने का पानी नहीं मिल रहा है और बिजली न होने के कारण हमारी सड़कें अंधेरे में रहती हैं। हम सरकार से अपील करते हैं कि हमारी समस्याओं का समाधान किया जाए, ताकि हम सम्मान के साथ जीवन जी सकें। अगर हमारी बुनियादी ज़रूरतें पूरी नहीं हुईं, तो हमें आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।“
निवासियों का यह भी आरोप है कि उन्होंने कई बार प्रशासन से संपर्क किया, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया का इंतज़ार
रविवार को महाशिवरात्रि और सोमवार को बलांगीर में वैकल्पिक अवकाश होने के कारण सरकारी कार्यालय बंद था। उम्मीद की जा रही है कि कार्यालय खुलने के बाद इस मामले पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अब तक अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
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