LHC0088 • 9 hour(s) ago • views 340
Solar Eclipse 2026: सूर्य ग्रहण के उपाय जानें (Image Source: Freepik)
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। साल 2026 का सूर्य ग्रहण न केवल वैज्ञानिकों के लिए कौतूहल का विषय है, बल्कि आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी यह एक अत्यंत शक्तिशाली समय माना जा रहा है। भारतीय परंपरा में ग्रहण को \“सूतक\“ और नकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन शास्त्रों के अनुसार, यह समय मंत्र सिद्धि और आत्म-साधना के लिए स्वर्ण अवसर के समान होता है।
ग्रहण का आध्यात्मिक विज्ञान
आम तौर पर हम ग्रहण के दौरान खाने-पीने से बचते हैं, लेकिन इसके पीछे का गहरा अर्थ ऊर्जा के प्रबंधन से जुड़ा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के समय ब्रह्मांडीय ऊर्जा में भारी उथल-पुथल होती है, जिसका सीधा असर मनुष्य के मन और चक्रों पर पड़ता है। इस दौरान किया गया ध्यान और जप सामान्य दिनों की तुलना में हजारों गुना अधिक फलदायी होता है।
मंत्र जप की शक्ति
ग्रहण काल में ध्वनि तरंगों का महत्व बढ़ जाता है। शास्त्रों में उल्लेख है कि सूर्य ग्रहण के दौरान \“सूर्य मंत्र\“ या \“गायत्री मंत्र\“ के जप से व्यक्ति के भीतर की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है और संकल्प शक्ति में वृद्धि होती है। अगर आप किसी विशेष कार्य में सिद्धि चाहते हैं, तो ग्रहण के मध्य काल में एकाग्र होकर मंत्र का मानसिक जप करें।
(Image Source: AI-Genera)
साधना और ध्यान (Meditation)
सूर्य ग्रहण के दौरान ध्यान करना मन को शांत करने का सबसे प्रभावी तरीका है। योग शास्त्र के अनुसार, ग्रहण के समय शरीर की नाड़ियां अधिक संवेदनशील होती हैं, इसलिए इस दौरान \“प्राणायाम\“ करने से प्राण शक्ति का विस्तार होता है।
ग्रहण के दौरान करने योग्य कुछ विशेष कार्य:
शुद्धिकरण: ग्रहण शुरू होने से पहले और खत्म होने के बाद स्नान का विशेष महत्व है।
मौन साधना: जितना हो सके मौन रहें, ताकि ऊर्जा का क्षय न हो।
दान का संकल्प: ग्रहण के बाद अपनी सामर्थ्य अनुसार अनाज, तिल या वस्त्रों का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।
यह भी पढ़ें- Chandra Gochar 2026: फाल्गुन अमावस्या तक इन राशियों की पलटने वाली है किस्मत, खत्म होगी मानसिक उलझन
यह भी पढ़ें- 64 साल बाद दुर्लभ वलयाकार सूर्य ग्रहण का अनोखा संयोग, रिंग ऑफ फायर की देख सकेंगे
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है। |
|