जागरण संवाददाता, उरई। शुक्रवार की तड़के 3 बजे के आसपास झांसी कानपुर हाईवे से राठ रोड से झांसी-कानपुर हाईवे पर चढ़ते समय 150 की रफ्तार में एक्सयूवी-700 कार आगे जा रहे ट्रक में जा घुसी। कुछ ही मिनट में उसमें आग लग गई। घटनास्थल के पास पंचर सुधारने की गुमटी में सो रहे लोग जब तक मौके पर पहुंचे पूरी कार आग से घिर चुकी थी।
इसके बाद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना के बाद पुलिस ने फायर बिग्रेड की मदद से आग बुझाई। कार में सवार चार्टर्ड अकाउंटेंट की जिंदा जलकर मौत हो गई। वह झांसी जाने के लिए निकले और हादसा हो गया। कार के पीछे चल रहे दूसरे वाहन सवार जब मौके पर पहुंचे तो उन्होंने बताया कि एक्यूवी की रफ्तार 150 के लगभग थी।
शहर के मुहल्ला राजेंद्र नगर निवासी 55 वर्षीय राजेश कुशवाहा चार्टर्ड अकाउंटेंट थे। उनका कार्यालय पुलिस क्लब के सामने स्थित मार्केट में डीएसआर कोल कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से था। जबकि उनकी पत्नी स्वाति सिंह झांसी के आर्य कन्या डिग्री कालेज में प्रोफेसर हैं। इस कारण वह रोजाना कार्यालय से देर रात झांसी जाते थे। शुक्रवार रात करीब 1 बजे वह कार्यालय से निकले और फिर किसी होटल पर खाना खाने के लिए गए।
ट्रक में जा घुसी कार
वहां से एक्सयूवी-770 कार से वह झांसी जा रहे थे। करीब तीन बजे के लगभग झांसी-कानपुर हाईवे पर राठ रोड ओवरब्रिज के आगे उनकी कार करीब 150 की रफ्तार से ट्रक में जा घुसी। हादसे की आवाज सुन कुछ लोग पास में पंचर की दुकान पर सो रहे थे। वह जब तक मौके पर पहुंचे कार में आग लग चुकी थी।
इसके बाद उन लोगों ने हादसे की सूचना पुलिस को दी। कोतवाली प्रभारी मौके पर पहुंचे और फायर कर्मियों को बुलाकर आग बुझा। गाड़ी के नंबर से रात में ही उन्होंने उसकी डिटेल निकाली जो कि राजेश कुशवाहा के नाम ही थी। कार में आग लगने के कारण अंदर ही राजेश की जिंदा जलकर मौत हो गयी। टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रक के टायर भी फट गए।
कुछ ही मिनटों में पूरी कार खाक हो गई। जला हुआ शव का कुछ अवशेष बचा था जिसे पुलिस ने बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक राजेश कुशवाहा के भाई संजय सिंह ने बताया कि राजेश की दो बेटियां थीं सौम्या सोनीपत के ला कालेज में टीचर है और दूसरी दिव्या नोएड के एक कंपनी में जाब करती है।
पिता की मौत के बाद दोनों ही बेटियां बदहवास हालत पहुंचीं जिनका रो रोकर बुरा हाल है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक हरिशंकर चंद ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला तेज रफ्तार और पीछे से ट्रक में टक्कर के बाद आग लगने का है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
रोजाना झांसी व गुरसरांय जाते थे राजेश
चार्टर्ड अकाउंटेंट राजेश कुशवाहा एक मकान झांसी में बना है और गुरसरांय में बुंदेलखंड बायो फ्यूल की फैक्ट्री भी है। उरई कार्यालय से काम निपटाकर वह देर रात रोजाना झांसी व गुरसरांय जाते थे। उनके स्टाफ ने बताया कि कई बार उन्होंने रात में चलने के लिए उन्हें मना भी किया लेकिन वह कहते थे अगर दिन में चलेंगे तो दिन और रात दोनों का काम खराब हो जाएगा। इस कारण वह रात में सफर करते हैं। |
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