अलग-अलग पार्किंग में बार-बार भुगतान करने की जरूरत खत्म।
राजेश ढल्ल, चंडीगढ़। चंडीगढ़ में एमसी वन पास ने 4,000 पंजीकरण का आंकड़ा पार कर लिया है। नगर निगम ने इसे डिजिटल पहल की सफलता बताया है, जिस पर कांग्रेस ने सवाल उठाया है।
निगम आयुक्त ने कहा कि पार्किंग पास में लोगों की रूचि डिजिटल प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। निगम का उद्देश्य नगर सेवाओं को सहज, पारदर्शी और प्रत्येक निवासी के लिए सुलभ बनाना है। लालफीताशाही कम करने और कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
दूसरी तरफ कांग्रेस नेता सतीश कैथ का कहना है कि निगम लगातार लोगों को पास बनवाने के लिए प्रेरित कर रहा है। बड़ी संख्या में लोग पंजीकरण कर रहे हैं, लेकिन पेड पार्किंग व्यवस्था में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा। पेड पार्किंग स्थलों पर सुविधाओं में कोई वृद्धि नहीं हुई है।
उनका कहना है कि चंडीगढ़ जैसे शहर में स्मार्ट पेड पार्किंग व्यवस्था होनी चाहिए, जहां डिजिटल भुगतान, बेहतर संकेतक, सुरक्षा और सुचारु प्रबंधन सुनिश्चित हो। नगर निगम को केवल राजस्व बढ़ाने पर नहीं, बल्कि शहरवासियों की सुविधाओं में सुधार पर भी समान ध्यान देना चाहिए।
ये हैं एमसी वन पास सुव
एमसी वन पास की सुविधा नगर निगम ने 27 जनवरी को शुरू की थी। यह एक डिजिटल, कैशलेस मासिक पार्किंग सुविधा है। चार पहिया के लिए 500 रुपये और दो पहिया के 250 रुपये में पास बनता है। यह पास नगर निगम की सभी पार्किंग में मान्य है। अलग-अलग पार्किंग में बार-बार भुगतान करने की जरूरत खत्म हो गई है। |