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दिल्ली-हरियाणा समेत 4 राज्यों में बिछेगा 389 KM का नया रेल नेटवर्क, केंद्र सरकार की बड़ी सौगात

Chikheang 2026-2-14 14:57:01 views 459
  

केंद्र ने 18,509 करोड़ की 3 मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को दी हरी झंडी (फाइल फोटो)



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी (CCEA) ने रेल मंत्रालय के तीन प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी है, जिनकी लागत लगभग 18,509 करोड़ रुपये है। इन प्रोजेक्ट्स में कसारा-मनमाड, दिल्ली-अंबाला और बल्लारी-होसपेटे के बीच तीसरी और चौथी लाइन बनाना शामिल है।

केंद्र सरकार ने दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक के 12 जिलों को कवर करने वाली तीन मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनकी कुल लागत 18,509 करोड़ रुपये है। इससे भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 389 किलोमीटर की वृद्धि होगी।
PM-गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान

परियोजनाओं की योजना PM-गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान पर बनाई गई है, जिसमें एकीकृत योजना और हितधारक परामर्श के माध्यम से मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक दक्षता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

CCEA के बयान के अनुसार, ये परियोजनाएं लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही के लिए निर्बाध संपर्क भी प्रदान करेंगी। प्रस्तावित मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना लगभग 3,902 गांवों में कनेक्टिविटी बढ़ाएगी, जिनकी कुल आबादी लगभग 97 लाख है।

बढ़ी हुई लाइन कैपेसिटी से मोबिलिटी में काफी बढ़ोतरी होगी, जिससे भारतीय रेलवे की ऑपरेशनल एफिशिएंसी और सर्विस रिलायबिलिटी में सुधार होगा। ये मल्टी-ट्रैकिंग प्रस्ताव ऑपरेशन को आसान बनाने और भीड़भाड़ कम करने के लिए तैयार हैं।
सेल्फ एम्प्लॉयमेंट के अवसर

CCEA ने एक बयान में कहा, “ये प्रोजेक्ट्स PM मोदी के न्यू इंडिया के विजन के मुताबिक हैं, यह इलाके के लोगों को आत्मनिर्भर बनाएगा। इससे इलाके में बड़े पैमाने पर डेवलपमेंट होगा, जिससे उनके रोजगार/सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट के मौके बढ़ेंगे।“

इन प्रोजेक्ट्स की प्लानिंग PM-गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान पर की गई है, जिसमें इंटीग्रेटेड प्लानिंग और स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन के जरिए मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक एफिशिएंसी बढ़ाने पर फोकस किया गया है।
खास टूरिस्ट डेस्टिनेशन्स पर भी फोकस

ये प्रोजेक्ट्स लोगों, सामान और सर्विस के आने-जाने के लिए आसान कनेक्टिविटी देंगे। प्रस्तावित कैपेसिटी बढ़ाने से देश भर के कई खास टूरिस्ट डेस्टिनेशन्स तक रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिनमें भावली डैम, श्री घाटनदेवी, त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, कटरा, श्रीनगर में श्री माता वैष्णो देवी, और हम्पी (एक UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट), बल्लारी फोर्ट, दारोजी स्लॉथ बेयर सैंक्चुरी, तुंगभद्रा डैम, केंचनगुड्डा, और विजया विट्ठल मंदिर जैसे खास अट्रैक्शन्स शामिल हैं।
माल धुलाई का ट्रैफिक होगा कम

सरकार के मुताबिक, प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स कोयला, स्टील, आयरन ओर, सीमेंट, लाइमस्टोन/बॉक्साइट, कंटेनर, अनाज, चीनी, फर्टिलाइजर और POL वगैरह जैसी चीजों के ट्रांसपोर्टेशन के लिए जरूरी रास्ते हैं। इसके अलावा, कैपेसिटी बढ़ाने के काम से 96 MTPA (मिलियन टन प्रति साल) का एक्स्ट्रा माल ढुलाई ट्रैफिक होगा। (समाचार एजेंसी -IANS के इनपुट के साथ)
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