search

Maha shivratri 2026: गाजियाबाद के दूधेश्वरनाथ मंदिर में रात 12 बजे से होगा जलाभिषेक, उमड़ेगा भक्तों का सैलाब

Chikheang 6 hour(s) ago views 392
  

श्री दूधेश्वर नाथ मंदिर में महाशिवरात्रि की हो रही तैयारियां। जागरण



जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ मठ महादेव मंदिर में तीन दिवसीय फाल्गुन महाशिवरात्रि महोत्सव की शुक्रवार से शुरुआत हो गई। महाशिवरात्रि के दिन 15 फरवरी को मंदिर में लाखों की संख्या में शिवभक्त जलाभिषेक लिए पहुंचेंगे।

शनिवार को रात्रि 12 बजे से मंदिर में महाशिवरात्रि का जलाभिषेक शुरू हो जाएगा। इसके लिए मंदिर प्रबंध समिति एवं प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। एवं महोत्सव को लेकर मंदिर को आकर्षक तरीके से सजाया गया है।

मंदिर के पीठाधीश्वर नारायण गिरि महाराज ने बताया कि महाशिवरात्रि का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन भगवान शिव लिंग रूप में प्रकट हुए थे तथा इसी तिथि को शिव-शक्ति का पावन मिलन, अर्थात भगवान शिव एवं माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। यह पर्व ‘शिवरात्रि’ नहीं बल्कि महाशिवरात्रि कहलाता है।
मंदिरों में होगा शिव-पार्वती विवाह

पर्व को लेकर मंदिर में 14 फरवरी की रात्रि में भगवान शिव एवं माता पार्वती का विवाह समारोह संपन्न होगा। विवाह से पूर्व भगवान शिव की भव्य बारात जस्सीपुरा मोड़ से निकलेगी, जिसमें भूत-प्रेत, शिवगणों के साथ-साथ देवी-देवताओं की अनुपम झांकियां देखने को मिलेंगी।

  

श्री दूधेश्वर नाथ मंदिर में महाशिवरात्रि की तैयारियों को लेकर महंत नारायण गिरी महाराज से बातचीत करते अधिकारी।

शिव पार्वती विवाह के बाद भजन संध्या होगी। धर्मार्थ सेवा समिति द्वारा मंदिर में भक्तों के लिए प्रसाद की व्यवस्था की जाएगी। महाशिवरात्रि पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर निगम एवं विद्युत विभाग समेत विभिन्न विभागों के सहयोग से व्यवस्थाएं की गई हैं।

यह भी पढ़ें- Maha Shivratri 2026: महाशिवरात्रि पर 122 स्थानों पर लगेगा मेला, ड्रोन से होगी निगरानी; PAC सहित भारी फोर्स तैनात

अधिकारियों द्वारा मंदिर का निरीक्षण कर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज से भेंट कर उनके सुझावों के अनुसार सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
501 किलो फलों एवं फूलों से होगा श्रंगार

मंदिर कार्यकर्ता पिंटू सुथार ने बताया कि शिवरात्रि के पहले 14 फरवरी को भगवान श्री दूधेश्वरनाथ का विशेष श्रंगार किया जाएगा। श्री दूधेश्वर श्रंगार सेवा समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल एवं उनकी टीम द्वारा शाम 5:30 बजे भगवान का महाकाल स्वरूप में 56 भोग और लगभग 501 किलो फलों एवं फूलों से अद्भुत श्रंगार किया जाएगा। सेवा में मुकेश, प्रतीक, राजेश, यश, नकुल, दक्ष, कुशंक समेत अन्य का सहयोग रहेगा।
रात्रि 12 बजे से शुरू हो जाएगा जलाभिषेक

महाशिवरात्रि का जलाभिषेक 14 फरवरी की रात्रि 12 बजे से शुरू हो जाएगा। सबसे पहले मंदिर के पीठाधीश्वर नारायण गिरि महाराज एवं श्री दूधेश्वर मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष अनुज गर्ग द्वारा जलाभिषेक व पूजन किया जाएगा।

इसके बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। महाशिवरात्रि के पर्व पर मंदिर में आठों प्रहर रूद्राभिषेक एवं विधिवत पूजा अर्चना की जाएगी। यह पूजा दूधेश्वर वेद विद्यालय के आचार्यों द्वारा कराई जाएगी।

  

श्री दूधेश्वर नाथ मंदिर में महाशिवरात्रि की हो रही तैयारियां। जागरण

पूजन में वेद विद्यालय के प्राचार्य तोयराज उपाध्याय, वरिष्ठ अध्यापक नित्यानंद आचार्य, आचार्य रोहित त्रिपाठी, आचार्य किशन शर्मा, आचार्य अजय दाधीच एवं आचार्य दीपक द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार एवं शास्त्रोक्त विधि-विधान से भगवान दूधेश्वरनाथ की आराधना की जाएगी।
मंदिर में आठों प्रहर की पूजा का समय

    प्रहर समय
   
   
   प्रथम प्रहर
   सुबह 5:00 से 7:00 बजे
   
   
   द्वितीय प्रहर
   8:00 से 10:00 बजे
   
   
   तृतीय प्रहर
   11:00 से 1:00 बजे
   
   
   चतुर्थ प्रहर
   2:00 से 4:00 बजे
   
   
   पंचम प्रहर
   4:30 से 6:00 बजे
   
   
   सांयकालीन आरती
   6:30 से 7:00 बजे
   
   
   षष्ठ प्रहर
   7:00 से 9:00 बजे
   
   
   सप्तम प्रहर
   9:30 से 11:30 बजे
   
   
   अष्टम प्रहर
   रात्रि 12:00 से 3:00 बजे
   

यह भी पढ़ें- Maha Shivratri 2026: महाशिवरात्रि पर इस शुभ मुहूर्त में करें शिव जी की पूजा, काशी व‍िश्वनाथ मंद‍िर के करें Live दर्शन
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
161592