search

सजायाफ्ता सोनपाल का जंगल में मिला शव, स्वजन ने लगाया हत्या का आरोप; शाहजहांपुर में हंगामा

LHC0088 3 hour(s) ago views 831
  

लोगों से बातचीत के दौरान सीओ ज्योति यादव।



संवाद सहयोगी, जागरण तिलहर। हत्या व लूट के मुकदमे में महीने भर पहले उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद से लापता सोनपाल की मृत्यु हो गई। तीन दिन पूर्व पिंगरा पिंगरी के जंगल में बरामद हुए शव की पहचान करते हुए उसके स्वजन ने गांव के ही कुछ लोगों पर हत्या करने का आरोप लगाया। उन लोगों ने लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित नगरिया मोड़ चौकी के सामने जाम लगा दिया।

सीओ ज्योति यादव के जांच कराकर कार्रवाई करने के आश्वासन पर शांत हुए। सोनपाल के बेटे बलवीर ने बताया 13 जनवरी को पिता को गांव के ही रामचंद्र व उसके भाई सचिन काल करके बुलाया था। उसके बाद से पिता का कुछ पता नहीं चला। काफी तलाश करने के बाद 23 जनवरी को गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 11 फरवरी को क्षेत्र के ही पिंगरी-पिंगरा गांव के पास जंगल में शव मिला था।
1982 के प्रकरण में 13 जनवरी को सुनाई गई थी सजा, उसी दिन से थे लापता

पुलिस ने आस-पास के लोगों से संपर्क कर शिनाख्त कराने का प्रयास किया था लेकिन कुछ पता नहीं चला। इसके बाद मोर्चरी में रखवा दिया गया था। समाचार पत्रों के माध्यम से बलवीर को जब इस बारे में पता चला तो उन्होंने मोर्चरी पर जाकर शव की पहचान अपने पिता सोनपाल के रूप में की। बलवीर ने रामचंद्र के भाई दामोदर उसके बेटे मनोज व एक अज्ञात व्यक्ति पर हत्या करने का आरोप लगाया।
लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगाया जाम, सीओ के आश्वासन पर माने

बड़ी संख्या में स्वजन लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित नगरिया मोड़ चौकी के सामने पहुंच गए। वहां ईंट-पत्थर लेकर सड़क पर खड़े हो गए जिससे आवागमन बंद हो गया। कई वाहन चालकों से उनकी नोकझोंक भी हुई। हंगामे की जानकारी जब सीओ ज्याेति यादव को लगी तो वह भी मौके पर पहुंच गई। उन्होंने स्वजन को जांच कर कार्रवाई कराने का भरोसा देकर शांत कराया।
यह है प्रकरण

1982 में तिलहर क्षेत्र के तालबीपुर दियूरिया गांव निवासी हरीराम की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में सोनपाल, रामचंद्र व गांव के ही मैकू के विरुद्ध लूट के बाद हत्या करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी पंजीकृत कराई गई थी। मैकू की कई माह पहले मृत्यु हो चुकी है। जबकि 13 जनवरी को सोनपाल व रामचंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। सोनपाल उसी दिन से घर से गायब हो गए थे। जबकि रामचंद्र अगले दिन गांव स लापता हो गया। दोनों का कुछ पता नहीं चल रहा था। हालांकि 27 जनवरी को रामचंद्र ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया।  
मोबाइल का नहीं लगा सुराग

बलवीर ने बताया कि पिता के पास मोबाइल व डायरी भी रहती थी। उसके बारे में भी कुछ पता नहीं चला है। उन्होंने बताया कि जब से पिता गायब थे तब से कई बार थाने, चौकी के चक्कर लगा चुके थे लेकिन पुलिस हर बार जल्द बरामद करने का भरोसा दे देकर वापस घर भेज देती थी।


सोनपाल को हत्या, लूट के मामले में सजा हुई थी। जो आरोप लगाए जा रहे हैं उसकी जांच कराई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का सही कारण स्पष्ट हो जाएगा।
-

ज्योति यादव, सीओ तिलहर
like (0)
LHC0088Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
LHC0088

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
159522