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दो करोड़ से बनेंगे फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट।
रितेश श्रीवास्तव बहराइच। शहर की तर्ज पर अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) स्थापित किए जाने हैं। इस पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही गई है। इससे सेप्टिक टैंक खाली कराने की समस्या नहीं होगी। जिले में बनने वाले इस प्रोजेक्ट के लिए भूमि की तलाश की जा रही है, लेकिन अभी पर्याप्त भूमि नहीं मिल सकी है।
यह निर्माण स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना के तहत होगा। इससे गांव में गंदगी दूर होने के साथ शौचालय के टैंक से निकलने वाले मल-जल को शोधित कर खाद बनाने और पानी को फसल सिंचाई योग्य बनाने में प्रयोग होगा।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत लगने वाले इस प्लांट का निर्माण तीन हजार से अधिक आबादी वाले गांवों में होगा। इसके लिए जिले में दो ग्राम पंचायतों में यह प्लांट लगाने की तैयारी है।
प्लांट लगाने के लिए पंचायती राज विभाग राजस्व विभाग से संपंर्क कर भूमि की तलाश में लगा है। बताया जा रहा है कि आबादी क्षेत्र से 250 से 500 मीटर दूरी पर इनका निर्माण होगा ताकि लोगों को दुर्गंध, शोर तथा संक्रमण की समस्या का सामना न करना पड़े।
एक फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट के संचालन के लिए 30 किलोवाट बिजली और पांच हजार लीटर पानी की आवश्यकता होगी। इस प्लांट के लगने से गांव में गंदगी दूर होने के साथ शौचालय के टैंक से निकलने वाले मल-जल को शोधित कर खाद बनाने और पानी को फसल सिंचाई योग्य बनाने के लिए प्रयोग किया जाएगा।
एफएसटीपी के लिए अभी भूमि की तलाश की जा रही है। तीन हजार से अधिक आबादी वाले दो ग्राम पंचायतों में इसका निर्माण स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत होना है। भूमि चिंहित होने के बाद इसकी सूचना निदेशालय को भेजी जाएगी। -चंद्रभान सिंह, डीपीआरओ, बहराइच। |
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