सजा पाने वाला चंदन। (फाइल फोटो)
लावा पांडे, बालेश्वर। बालेश्वर के सहदेव खूंटा थाना के अंतर्गत भीमपुरा नामक गांव में 20 फरवरी सन 2023 को दिल दहला देने वाली वारदात का फैसला आखिरकार आज 13 फरवरी सन 2026 को आ ही गया। आरोपी पति को माननीय अदालत ने उक्त घटना को जघन्य घटना करार देते हुए मौत की सजा सुनाए है।
प्राप्त खबर के अनुसार 20 फरवरी 2023 को दोपहर के दिन सहदेवखूंटा थाना के अंतर्गत भीमपुरा नामक गांव के रहने वाले कार्तिक सिंह की छोटी बेटी वनिता, बड़ी बेटी वर्षा, नातिन ममाली और पोता विश्वजीत बैठकर घर में खाना खा रहे थे कि अचानक उनके घर के भीतर नीलगिरी थाना के अंतर्गत नयापटना गांव के रहने वाले चंदन राणा वहां पहुंचा था तथा खाना खा रहे इन सब लोगों पर तेजाब फेंक कर इन लोगों पर हमला कर दिया था।
तेजाब का हमला इतना भयंकर था कि तेजाब के हमले से वनिता सिंह गंभीर रूप से घायल हो गई थी तथा वहां पर बैठे अन्य लोग भी घायल हो गए थे।
सबसे पहले सभी घायलों को बालेश्वर जिला मुख्य चिकित्सालय में इलाज के लिए लाया गया था। लेकिन वनिता की गंभीर हालत को देखते हुए उसे तत्काल कटक के मुख्य चिकित्सालय में इलाज के लिए स्थानांतरित कर दिया गया था, लेकिन इलाज के दौरान ही वनिता की मौत हो गई थी।
पत्नी के साथ विवाह का फोटो। (जागरण)
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी चंदन भागने में कामयाब हो गया था लेकिन पुलिस चंद दिनों में ही उसे पकड़ने में कामयाब हो गई थी। इसके साथ ही अन्य छह लोगों को भी इस घटना में आरोपी बनाया गया था, तथा उन्हें भी सलाखों के पीछे पहुंचाया गया था।
आरोपी चंदन ने वनिता से धोखे से दूसरी शादी कर ली थी लेकिन जब यह बात वनिता को पता चली तो वह अपने मायके में आ कर रहने लगी थी। इसी क्रोधवश चंदन ने वनिता पर बदले को भावना के चलते तेजाब से हमला कर दिया था। सन 2023 को पवित्र शिव रात्रि के एक दिन बाद इस घटना को अंजाम दिया गया था लेकिन आज शिवरात्रि के एक दिन पहले मात्र 2 वर्ष के भीतर अदालत का फैसला आ गया है।
इस घटना में कुल 34 लोगों ने गवाही दिए थे तथा पुलिस की ओर से एक 110 पृष्ठों का आरोप पत्र दाखिल किया गया था। आज बालेश्वर के माननीय स्पेशल जज (एससी-एसटी) अब्दुल शमीम अख्तर ने उक्त मामले की सुनवाई करते हुए तमाम सबूतों और गवाहों के बयानात मुल्जिम चंदन को मुजरिम करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई।
दफा 302 ,326 (ए) , 352 , 417 के तहत सजा सुनाया गया है। इसके साथ ही माननीय अदालत ने 50,000 रुपये का भी जुर्माना लगाया है। इस घटना को माननीय अदालत ने जघन्य अपराध बताया था।
यह भी पढ़ें- रायगड़ा में माओवादी पोस्टर से दहशत, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क |
|