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रात 3 बजे अचानक क्यों खुल जाती है नींद? डॉक्टर ने बताया इसके पीछे का साइंस

deltin33 2 hour(s) ago views 773
  

रात 3 बजे नींद खुलने की असली वजह जानकर हो जाएंगे हैरान (Image Source: Freepik)  



लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आप गहरी नींद में सो रहे हों, और अचानक आपकी आंख खुल जाए? आप घड़ी या फोन चेक करते हैं और समय हो रहा होता है- रात के 3 या 3:30 बजे।

यह सिर्फ आपके साथ नहीं होता। दुनिया भर में लाखों लोग ठीक इसी समय पर जागते हैं। कई लोग इसे \“भूत-प्रेत\“ या डर से जोड़ते हैं, तो कुछ इसे \“दैवीय संकेत\“ मानते हैं, लेकिन डॉ. आमिर खान के पास इसका एक बहुत ही लॉजिकल जवाब है। आइए जानते हैं कि आखिर रात के इस पहर में हमारा दिमाग हमें क्यों जगा देता है।
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शरीर की अपनी घड़ी और \“कॉर्टिसोल\“ का खेल

रात के 2 से 4 बजे के बीच, हमारा शरीर स्लीप साइकिल के एक बहुत ही खास स्टेज पर होता है। इस समय, सुबह उठने की तैयारी में शरीर में नेचुरल रूप से \“कॉर्टिसोल\“ नाम का स्ट्रेस हार्मोन बढ़ने लगता है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन अगर आप पहले से ही स्ट्रेस में हैं, चिंतित हैं या बहुत थके हुए हैं, तो हार्मोन में आया यह छोटा-सा बदलाव आपको पूरी तरह जगाने के लिए काफी होता है।

  

(Image Source: AI-Generated)  
ब्लड शुगर और धड़कनों का बढ़ना

रात के समय, विशेष रूप से सुबह के शुरुआती घंटों में, हमारे शरीर में ब्लड शुगर का स्तर थोड़ा गिर सकता है। अगर आपने शराब पी है, बहुत देर से खाना खाया है या आप लगातार स्ट्रेस में रहते हैं, तो यह स्तर और भी नीचे जा सकता है। इसकी भरपाई करने के लिए, शरीर \“एड्रेनालाईन\“ छोड़ता है। यह वही केमिकल है जो हमें खतरे के समय सतर्क करता है। इसके कारण आपकी नींद अचानक खुल सकती है, दिल की धड़कन तेज हो सकती है और आप एकदम से सतर्क महसूस करने लगते हैं।

  

(Image Source: Freepik)  
रात 3 बजे की खामोशी और हमारा दिमाग

रात के 3 बजे कोई ईमेल नहीं आते, कोई शोर नहीं होता और कोई डिस्ट्रैक्शन नहीं होती। बस आप होते हैं और आपके विचार। इस समय हमारा दिमाग और भी ज्यादा सेंसिटिव होता है। नींद की कमी के कारण दिमाग का वह हिस्सा जो डर को प्रोसेस करता है (जिसे एमिगडाला कहते हैं), वह ज्यादा एक्टिव हो जाता है। यही कारण है कि जो चिंता दोपहर 3 बजे छोटी लगती है, वही रात के 3 बजे पहाड़ जैसी और डरावनी लगने लगती है।

  

(Image Source: Freepik)  
हार्मोनल बदलाव का असर

महिलाओं में पेरिमेनोपॉज और मेनोपॉज के दौरान हार्मोन, विशेष रूप से एस्ट्रोजन में उतार-चढ़ाव होता है। यह शरीर के तापमान और नींद की स्थिरता को प्रभावित करता है। यही कारण है कि कई महिलाएं सुबह जल्दी नींद खुलने की शिकायत करती हैं। जितनी ज्यादा चिंता आप नींद खुलने की करेंगे, नींद आने की संभावना उतनी ही कम होती जाएगी।

  

(Image Source: Freepik)
क्या है इसका समाधान?

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि रात में थोड़ी देर के लिए नींद खुलना सामान्य है। हम सभी हर 90 मिनट में हल्की नींद के चक्र से गुजरते हैं। समस्या नींद खुलना नहीं है, समस्या है जागने को लेकर होने वाली चिंता।

इससे निपटने के लिए, घड़ी देखने से बचें और फोन की स्क्रीन से दूर रहें। अपनी शाम को शांत रखें और शराब का सेवन कम करें। अगर नींद खुले, तो बस गहरी और धीमी सांसें लें। याद रखें, अगर आप रात के 3 बजे जाग रहे हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप में कोई खराबी है; यह बस आपका शरीर है जो अपना काम कर रहा है। डॉ. आमिर का कहना है कि हमें बस इसे थोड़ा समझने और सपोर्ट देने की जरूरत है।

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