डीएफसी की तकनीक, सुरक्षा और भविष्य की योजनाओं पर बनी रणनीति। जागरण
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने सूबेदारगंज स्थित डीएफसी (डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर) के कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण किया। महाप्रबंधक ने निर्देश दिया कि अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) की मदद से लोको पायलट और ट्रेन मैनेजरों की ड्यूटी लगाई जाए।
उन्होंने बताया कि मालगाड़ियों को माल ढुलाई के विशेष कारिडोर पर स्थानांतरित करने से यात्री ट्रेनों की समयबद्धता में काफी सुधार हुआ है और भविष्य में इस व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने कर्मचारियों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने की बात कही। इसके तहत न्यू डीडीयू, न्यू खुर्जा और न्यू कानपुर में बन रहे वातानुकूलित रनिंग रूम का काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए ताकि ड्यूटी के बाद रेल कर्मियों को बेहतरीन आराम और मनोरंजन की सुविधा मिल सके।
साथ ही उन्होंने सिंगल रेल लाइनों को डबल करने और तकनीकी खराबियों को कम करने के लिए सभी विभागों को मिलकर काम करने की सलाह दी। महाप्रबंधक ने माघ मेले के दौरान रिकार्ड संख्या में मालगाड़ियों के सफल संचालन के लिए पूरी टीम की सराहना की।
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महाप्रबंधक मशीन विजन इंस्पेक्शन सिस्टम और हाट एक्सल बाक्स डिटेक्टर मशीन के उपयोग को भी देखा। बताया कि माघ मेला के दौरान जनवरी के महीने में औसतन 455 गाड़ियों का संचालन किया गया, यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।
निरीक्षण के दौरान शरत चंद्रायन,अखिल शुक्ल सचिव महाप्रबंधक, मुख्य महाप्रबंधक एबी सरन, आशीष मिश्रा, महाप्रबंधक मन्नू प्रकाश दुबे, मनुज सारस्वत, प्रकाश चंद्रा, राजनाथ, ब्रजेश स्मिथ आदि मौजूद रहे। |