डीएम ने तीन दिन में मांगी रिपोर्ट, दोषियों पर FIR दर्ज कराकर की जाएगी कार्रवाई। सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। न्यू राजेश हाईटेक अस्पताल जद्दूपट्टी, सिकरीगंज में मोतियाबिंद आपरेशन के बाद अब तक आठ लोगों की रोशनी जा चुकी है। कई अन्य रोगी गंभीर संक्रमण से जूझ रहे हैं, ऐसे में यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। रोगियों की त्रासद स्थिति को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। गुरुवार को डीएम दीपक मीणा ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच का आदेश देते हुए तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है।
जिलाधिकारी ने जांच समिति भी गठित कर दी। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) की अध्यक्षता में गठित समिति में एसीएमओ डा. एनएल कुशवाहा, बीआरडी मेडकल कालेज के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डा. पंकज सोनी, जिला अस्पताल के नेत्र सर्जन डा. अंजनी कुमार गुप्ता शामिल हैं।
डीएम ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की जांच पहले से चल रही है। सर्जरी के बाद रोगियों में संक्रमण इतना गंभीर हुआ कि अब तक सात मरीज अपनी आंख की रोशनी गंवा चुके हैं।
एक फरवरी को इस अस्पताल में 30 मरीजों ने मोतियाबिंद का आपरेशन कराया था, जिसमें से 20 रोगियों की आंख में गंभीर संक्रमण पाया गया है। आपरेशन के बाद जिन मरीजों में संक्रमण हुआ, उनमें तेज दर्द, सूजन, आंख से मवाद आना और दृष्टि धुंधली होना जैसे लक्षण सामने आए। जागरण में चार फरवरी को समाचार प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने ओटी सील कर नमूने लिए थे।
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समय रहते उचित उपचार होता तो बच जाती रोशनी
उसरी गांव के 53 वर्षीय जयराम भी प्रभावित मरीजों में शामिल हैं। उनके पुत्र प्रवीण ने बताया कि पिताजी की दाहिनी आंख से मवाद निकलने लगा और लगातार उल्टी होने लगी। हालत बिगड़ने पर उन्हें गुरुवार को एम्स लाया गया। उनका आरोप है कि समय रहते उचित उपचार और निगरानी नहीं की गई, जिससे संक्रमण बढ़ता गया और आंख की रोशनी नहीं बचाई जा सकी।
अब तक इनकी खराब हुई आंख
शंकरावती देवी, देवराजी देवी, मीरा देवी, अर्जुन सिंह, रामदरश, रामसरन, रंजीत व जयराम |