राज्य ब्यूरो, लखनऊ। विधान परिषद में गुरुवार को निर्दल समूह के सदस्य राज बहादुर सिंह चंदेल ने विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को उनके खाते में मानदेय देने का मुद्दा उठाया।
कहा कि इन शिक्षकों का मानदेय प्रबंधतंत्र को जाता है। वे इनको पूरा मानदेय नहीं देते। 11 माह के बजाय आठ-10 महीने का ही मानदेय देते हैं। इस धांधली को रोकने के लिए जरूरी है कि मानदेय सीधे शिक्षकों के खाते में जाए।
भाजपा के देवेंद्र प्रताप सिंह ने भी इसका समर्थन करते हुए डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) से भुगतान का सुझाव दिया।
माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी ने सीधे भुगतान की व्यवस्था न होने की बात कही। इस पर सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने कहा कि शिक्षकों को पूरा मानदेय मिले, यह सुनिश्चित कराएं। |