बगैर पहचान पत्र के सिविल कोर्ट में प्रवेश पर रोक
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर सिविल कोर्ट परिसर में अधिवक्ता, उनके लिपिक व पक्षकारों को पहचान पत्र दिखाकर ही प्रवेश मिलेगा। इसको लेकर हाईकोर्ट से बिहार के सभी अदालतों को पत्र भेजा गया है।
इसमें जिक्र किया गया है कि बीते 28 जनवरी को पटना सिविल कोर्ट में एक अभियुक्त के रिवाल्वर के साथ प्रवेश व उसी दिन भागलपुर, समस्तीपुर, सीवान, बेगूसराय व मुजफ्फरपुर की अदालतों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की मिली धमकी के बाद यह आदेश जारी किया गया है।
जिला बार एसोसियेशन के अध्यक्ष रामकृष्ण ठाकुर उर्फ रामबाबू ठाकुर ने बताया कि इस नए नियमों के तहत अब केवल पहचान पत्र धारक को ही परिसर में प्रवेश मिलेगा। गुरुवार को एसोसिएशन की ओर से इस बारे में माइकिंग कर अधिवक्ताओं को सूचित कर दिया गया है।
बताया कि अधिवक्ता, उनके लिपिक व कोर्ट स्टाफ के लिए गले में आई-कार्ड लटकाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा आम जनता व पक्षकारों के लिए आधार कार्ड, वोटर आइडी या ड्राइविंग लाइसेंस के जरिए अपनी पहचान साबित करना होगा। तभी उन्हें परिसर में प्रवेश मिलेगा। इतना ही नही प्रवेश द्वार पर ही उनके सामान की सघन तलाशी ली जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए मुख्य गेट पर पर्याप्त संख्या में महिला और पुरुष पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ आधुनिक स्कैनिंग मशीनें लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
कोर्ट के भीतर भी पुलिस की गश्त और फ्रिस्किंग (शरीर की तलाशी) नियमित रूप से की जाएगी ताकि परिसर में किसी भी तरह के हथियार या विस्फोटक की मौजूदगी को रोका जा सके।
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