search

दिन में 3 बार रंग बदलता है यह अनोखा शिवलिंग! महाशिवरात्रि पर बाबा इकोत्तरनाथ मंदिर में उमड़ेगा आस्था का सैलाब

LHC0088 1 hour(s) ago views 427
  

पूरनपुर में मंडनपुर के जंगल में स्थित सुप्रसिद्ध बाबा इकोत्तरनाथ मंदिर। जागरण



केके शर्मा, घुंघचाई (पूरनपुर)। महाशिवरात्रि पर्व नजदीक आते ही क्षेत्र में तैयारियां तेज हो गई हैं। शिवालयों की साफ सफाई रंग-रोगन और आकर्षक सजावट का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। प्रशासनिक अधिकारी भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल प्रकाश और सुरक्षा की व्यवस्था में जुटे हुए हैं। बाजारों में रौनक बढ़ गई है। पर्व को लेकर शिवभक्तों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

महाशिवरात्रि का महापर्व हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस बार 15 फरवरी रविवार को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में इस महा पर्व और इस व्रत का विशेष महत्व है। हिंदू पौराणिक कथाओं और मान्यताओं के अनुसार महाशिवरात्रि कई कारणों से महत्व रखती है।

एक मान्यता यह है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। यह त्योहार उनके दिव्य मिलन को लेकर मनाया जाता है। साथ ही यह शिव और शक्ति के मिलन का भी प्रतीक है। पर्व को लेकर क्षेत्र में तैयारियां जोर शोर की जा रही है। घरों से मंदिरों तक साफ सफाई और रंगाई पुताई का कार्य तेजी किया जा रहा है।

वहीं क्षेत्र के घने जंगलों के बीच गोमती नदी के शांत तट पर स्थित बाबा इकोत्तरनाथ मंदिर श्रद्धा और विश्वास का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। प्रकृति की गोद में बसे इस प्राचीन मंदिर की रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु खिंचे चले आते हैं। यहां स्थापित शिवलिंग को लेकर ऐसी मान्यता है कि वह दिन में तीन बार रंग बदलता है। जिसे देखने के लिए भक्तों की उत्सुकता देखते ही बनती है।

कहा जाता है देवराज इंद्रदेव ने गौतम ऋषि के श्राप से मुक्ति पाने के गोमती नदी के 71 शिवलिंग की स्थापना की थी। यह वही स्थान है। इसीलिए यह स्थल इकोत्तरनाथ नाम से प्रसिद्ध है। बताया जा रहा है कि मुख्य मंदिर में शिवलिंग तीन स्वरूप बदल जाता है। महाशिवरात्रि को यहां विशाल मेला लगता है। श्रद्धालु बाबा इकोत्तरनाथ की चमत्कारी महिमा मानते हैं।

मंदिर में जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में भक्तों की कतार लगती है। मंदिर में मनौती मांगने की भी अनोखी परंपरा है। कहा जाता है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से यहां प्रार्थना करता है उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है। मनौती पूरी होने पर भक्त मंदिर परिसर में नल लगवाते हैं। परिसर में हजारों की संख्या में लगे नल भक्तों की अटूट आस्था और सेवा भाव की गवाही देते हैं।

जंगल के बीच स्थित होने के बावजूद मंदिर तक पहुंचने के रास्ते ठीक न होने पर भी भक्तों के कदमों से आबाद रहते हैं। वहीं भक्तों का कहना है कि यह मंदिर न सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र है बल्कि क्षेत्र की पहचान भी बना हुआ है। इस बार महाशिवरात्रि पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं ने प्रशासन से यहां बेहतर रास्ते, प्रकाश व्यवस्था और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।

प्राकृतिक सौंदर्य गहरी आस्था और चमत्कारिक मान्यताओं से जुड़ा बाबा इकोत्तरनाथ मंदिर आज भी लोगों के विश्वास को मजबूत कर रहा है जहां जंगल की शांति में गूंजती घंटियों की आवाज श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक सुकून का एहसास कराती है। पर्व को लेकर प्रशासनिक अधिकारी भी निरीक्षण कर मंदिर तक पहुंचने वाले रातों, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं।

  

  


आगामी महाशिवरात्रि के पर्व को लेकर सभी प्रमुख शिव मंदिरों में पहुंचकर व्यवस्थाओं को परखा जा रहा है। इकोत्तरनाथ मंदिर पहुंचने के लिए जंगल में रास्ते खराब है जिन्हें पर्व से पहले ही दुरुस्त करा दिया जाएगा। मंदिर परिसर में साफ सफाई श्रद्धालुओं को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कार्य कराए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं होगी।

हेमंत कुमार, डीसीए मनरेगा एवं प्रभारी बीडीओ, पूरनपुर


  

  


15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व है। इस बार अधिक श्रद्धालु पहुंचने का अनुमान है। इसको लेकर साफ सफाई और मंदिर की रंगाई पुताई का कार्य पूरा कर लिया गया है। मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। रात्रि में श्रद्धालुओं के रुकने के लिए तैयारी कर ली गई है।

- निरंकार गिरी पुजारी, बाबा इकोत्तरनाथ मंदिर





यह भी पढ़ें- पीलीभीत में डिजिटल इंडिया को लगा \“ताला\“! करोड़ों खर्च, फिर भी ग्रामीण क्यों काट रहे ब्लॉक के चक्कर?

  

यह भी पढ़ें- कहीं \“रंभा\“ की खूबसूरती, तो कहीं \“राकेट\“ की फुर्ती; पीलीभीत के जंगलों में गूंज रही है बाघों की दहाड़
like (0)
LHC0088Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
LHC0088

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
158851