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शुल्क में कटौती से भारत के उत्पाद अमेरिका में अधिक प्रतिस्पर्धी होंगे : गोयल

deltin55 1 hour(s) ago views 4

                                

नयी दिल्ली, आठ फरवरी (भाषा) वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि पारस्परिक शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिए जाने के बाद, भारतीय वस्तुओं को अमेरिकी बाजारों में चीन और अन्य प्रतिस्पर्धी देशों के उत्पादों की तुलना में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलेगा।


भारत और अमेरिका ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के लिए एक रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया है, जिस पर मार्च के मध्य तक हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।
                                                                           

गोयल ने कहा कि भारत पर लगाए जाने वाले पारस्परिक शुल्क (आरटी) अब उसके प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में सबसे कम हैं।
                                       
                                       

                                                               



                                    

इन देशों में चीन (35 प्रतिशत), थाईलैंड (19 प्रतिशत), म्यांमा (40 प्रतिशत), कंबोडिया (19 प्रतिशत), बांग्लादेश (20 प्रतिशत), इंडोनेशिया (19 प्रतिशत), ब्राजील (50 प्रतिशत) और वियतनाम (20 प्रतिशत) शामिल हैं।
                                    
                                    

कम शुल्क के कारण भारत के श्रम-प्रधान क्षेत्र, जैसे कपड़ा, चमड़ा और जूते, हस्तशिल्प, रसायन, और आभूषण, अमेरिकी बाजार में इन देशों की तुलना में सस्ते और प्रतिस्पर्धात्मक होंगे।


गोयल ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ‘हमें अपनी प्रतिस्पर्धात्मक ताकत को देखना होगा। हमारे प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में भारत के शुल्क सबसे कम हैं। चीन के 35 प्रतिशत के मुकाबले हमारा 18 प्रतिशत है।’


उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिस्पर्धात्मक लाभ हमेशा किसी देश को वैश्विक बाजार में बढ़त देता है।


मंत्री ने कहा, ‘महत्वपूर्ण बात प्रतिस्पर्धात्मक लाभ है। जब हम अमेरिका के लिए अपने शुल्क कम करते हैं, तो यह भी इसी लाभ का हिस्सा है।’


वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत द्वारा 18 प्रतिशत शुल्क स्वीकार करने और अमेरिकी सामानों पर छूट देने के निर्णय को लेकर उठ रही आलोचनाओं का कोई आधार नहीं है।


उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि यह कोई गंभीर मुद्दा है। जो लोग इसे बढ़ा-चढ़ा कर पेश करते हैं, वे अंतरराष्ट्रीय व्यापार को नहीं समझते और सिर्फ लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।’


उन्होंने कहा कि व्यवसाय, निर्यातक और उद्योग संघ इन मुद्दों को समझते हैं और इस समझौते का स्वागत कर रहे हैं।


गोयल ने कहा, ‘व्यवसायियों को समझ है कि इससे भारत को बड़ा व्यापारिक लाभ मिलेगा और इसका सीधा फायदा हमारे किसानों को होगा। आज हम कृषि उत्पादों के सबसे बड़े निर्यातकों में से एक हैं। हम हर साल 55 अरब डॉलर यानी पांच लाख करोड़ रुपये के कृषि और मछली उत्पाद निर्यात करते हैं। यह सब किसानों की आय में शामिल होता है। इससे उनके उत्पादों का मूल्य बढ़ेगा और किसानों की आमदनी में भी बढ़ोतरी होगी।’


भाषा


  योगेश दिलीप

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