search

Krishna Janmashtami 2026: किस दिन रखा जाएगा मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत? जानें शुभ मुहूर्त और दुर्लभ संयोग

LHC0088 The day before yesterday 11:26 views 941
  

Krishna Janmashtami 2026: भगवान कृष्ण की प्राप्ति के उपाय



धर्म डेस्क, नई दिल्ली। प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर कालाष्टमी और मासिक कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है। यह दिन काल भैरव देव को समर्पित होता है। इस शुभ अवसर पर काल भैरव देव और जगत के पालनहार भगवान कृष्ण की पूजा की जाती है। साथ ही उनके निमित्त अष्टमी का व्रत रखा जाता है।

  

धार्मिक मत है कि भगवान कृष्ण की पूजा करने वाले साधकों पर भगवान कृष्ण की विशेष कृपा बरसती है। उनकी कृपा से हर मनोकामना पूरी होती है। साथ ही मृत्यु के उपरांत साधक को उच्च लोक में स्थान मिलता है। आइए, शुभ मुहूर्त एवं योग जानते हैं।
मासिक कृष्ण जन्माष्टमी शुभ मुहूर्त

माघ माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 10 जनवरी को सुबह 08 बजकर 23 मिनट से शुरू होगी। वहीं, 11 जनवरी को सुबह 10 बजकर 20 मिनट पर समाप्त होगी। मासिक कृष्ण जन्माष्टमी पर निशा काल में भगवान कृष्ण की पूजा की जाती है। इसके लिए 10 जनवरी को माघ माह की मासिक कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी। वहीं, पूजा का समय देर रात 12 बजकर 02 मिनट से लेकर 12 बजकर 56 मिनट तक है।
सुकर्मा योग

ज्योतिषियों की मानें तो मासिक कृष्ण जन्माष्टमी पर दुर्लभ सुकर्मा योग का संयोग बन रहा है। इस योग का संयोग शाम 05 बजे है। इस योग में भगवान कृष्ण की पूजा करने से साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी। साथ ही शुभ काम में सफलता मिलेगी।
शिववास योग

मासिक कृष्ण जन्माष्टमी पर शिववास योग का भी संयोग बन रहा है। शिववास योग पूर्ण रात्रि तक है। इस योग में राधा रानी संग कृष्ण जी की पूजा करने से साधक की हर परेशानी दूर होगी। मासिक कृष्ण जन्माष्टमी पर हस्त और चित्रा नक्षत्र का भी संयोग है।
पंचांग

  • सूर्योदय - सुबह 07 बजकर 15 मिनट पर
  • सूर्यास्त - शाम 05 बजकर 42 मिनट पर
  • ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 05 बजकर 27 मिनट से 06 बजकर 21 मिनट तक
  • विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 13 मिनट से 02 बजकर 55 मिनट तक
  • गोधूलि मुहूर्त - शाम 05 बजकर 39 मिनट से 06 बजकर 07 मिनट तक
  • निशिता मुहूर्त - रात्रि 12 बजकर 02 मिनट से 12 बजकर 56 मिनट तक


भगवान श्रीकृष्ण के मंत्र


1. ॐ कृष्णाय नमः

2. हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ।

हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ।।

3. ॐ श्री कृष्णः शरणं ममः

4. ॐ देव्किनन्दनाय विधमहे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्ण:प्रचोदयात

5. ॐ नमो भगवते तस्मै कृष्णाया कुण्ठमेधसे।

सर्वव्याधि विनाशाय प्रभो माममृतं कृधि।।

यह भी पढ़ें- Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर इन खास चीजों से करें भगवान शिव का अभिषेक, पैसों की तंगी होगी छूमंतर

यह भी पढ़ें- Makar Sankranti 2026: 14 जनवरी से शुरू होंगे शुभ काम, मकर संक्रांति पर ही क्यों खत्म होता है खरमास?

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
like (0)
LHC0088Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
LHC0088

He hasn't introduced himself yet.

410K

Threads

0

Posts

1410K

Credits

Forum Veteran

Credits
147531

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com