इमारत जिससे गिरी छात्रा और घटनास्थल पर पड़ा चप्पल। जागरण
संवाद सूत्र, फुलवारी शरीफ (पटना)। फुलवारी शरीफ में गुरुवार को एक 11वीं कक्षा की छात्रा की संदिग्ध मौत ने इलाके में सनसनी फैला दी।
एम्स गोलंबर के पास स्थित एक पांच मंजिला इमारत की तीसरी मंजिल से गिरने से छात्रा की मौत हो गई। शुरुआत में मामला हादसे का माना गया, लेकिन अंतिम संस्कार से पहले शव पर मिले गंभीर जख्मों ने इसे संभावित हत्या में बदल दिया।
चकमुसा की रहने वाली छात्रा रोज की तरह फुलवारी शरीफ–नौबतपुर मार्ग पर स्थित एक कोचिंग संस्थान में पढ़ने गई थी।
गिरने से मौत की मिली सूचना
कुछ समय बाद स्वजनों को सूचना मिली कि वह तीसरी मंजिल से गिर गई है और उसकी मौत हो गई। घर के लोग दौड़े-भागे घटनास्थल पहुंचे और इसे दुर्घटना मानते हुए शव को घर ले गए।
स्वजनों का कहना है कि अंतिम संस्कार से पहले जब कफन के लिए कपड़ा हटाया गया तो उनके होश उड़ गए। छात्रा के शरीर पर नुकीले हथियार से किए गए दो गहरे घाव पाए गए।
पीठ पर घसीटे जाने के स्पष्ट निशान थे और दोनों पैर टूटे हुए थे। स्वजनों का कहना है कि जिस स्थान पर छात्रा के गिरने की बात कही जा रही है, वहां खून का कोई निशान नहीं मिला।
मौके से केवल उसकी चप्पल बरामद हुई, जिससे संदेह और गहराता गया। तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर एम्स में पोस्टमार्टम के लिए भेजा ।
घटनास्थल पर फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए। भवन में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
कौन थे वे दो युवक जो भवन में घुसे थे
स्वजनों का दावा है कि सीसीटीवी फुटेज में छात्रा को इमारत में प्रवेश करते और सीढ़ियां चढ़ते हुए देखा गया है। उसके पीछे दो युवक भी जाते नजर आए, जो भवन में बढ़ई का काम कर रहे थे।
कुछ देर बाद दोनों युवक नीचे उतरते दिखाई दिए, जबकि छात्रा वापस नहीं लौटी। इसके बाद छात्रा के तीसरी मंजिल से गिरने की घटना सामने आई। फुटेज के आधार पर पुलिस ने दोनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
डीएसपी फुलवारी शरीफ सुशील कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला छत से गिरने का प्रतीत होता है, लेकिन शव पर मिले जख्मों और अन्य तथ्यों को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है।
पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
घटना के समय कोचिंग में अन्य छात्र मौजूद नहीं थे। छात्रा के भवन में प्रवेश करने और ऊपर जाने की पुष्टि हो चुकी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि तीसरी मंजिल पर आखिर हुआ क्या? यह हादसा था या सुनियोजित वारदात? इसका जवाब पोस्टमार्टम और वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट से सामने आएगा। |
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