Indian Navy INS Surat AI: भारतीय नौसेना ने समंदर की लहरों पर एक नया इतिहास रच दिया है. अब नौसेना के युद्धपोत सिर्फ लोहे और मिसाइलों के ढेर नहीं, बल्कि 'स्मार्ट' मशीनों में बदल गए हैं जो दुश्मन की चाल को इंसान से भी तेज समझ सकते हैं. दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के सबसे आधुनिक युद्धपोत INS Surat ने पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके दिखाया है कि भविष्य की जंग कैसे जीती जाएगी. AFI की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय नौसेना के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन संदीप शोरे ने पुष्टि की है कि INS Surat ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान एक ऐतिहासिक भूमिका निभाई है. यह पहली बार है जब भारतीय नौसेना ने सक्रिय युद्ध जैसी स्थितियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल किया है.

AI ने कैसे किया कमाल?
INS Surat के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन संदीप शोरे के मुताबिक, इस युद्धपोत ने निगरानी, खतरे का आकलन और तालमेल बिठाने में जबरदस्त प्रदर्शन किया है. ऑपरेशन के दौरान जहाज पर लगे AI टूल्स ने रडार, सोनार और इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल से आने वाले हजारों डेटा को पल भर में प्रोसेस किया और कमांडरों को बिल्कुल साफ जानकारी दी.
अब तक ये तकनीकें सिर्फ प्रयोगशालाओं और कागजों तक सीमित थीं, लेकिन 'ऑपरेशन सिंदूर' ने साबित कर दिया कि भारतीय नौसेना अब इंटेलिजेंट युद्ध के लिए तैयार है. INS Surat को शुरू से ही इस तरह डिजाइन किया गया था कि वह इन डिजिटल तकनीकों को संभाल सके. यह जहाज अब केवल मिसाइलें नहीं दागता, बल्कि जानकारी के समंदर से सबसे काम की बात निकाल कर कमांडरों को फैसले लेने में मदद करता है.
प्रयोगशाला से युद्ध के मैदान तक
भारतीय नौसेना के लिए यह ऑपरेशन एक मील का पत्थर साबित हुआ है. इससे पहले AI और मशीन लर्निंग का परीक्षण केवल शांत वातावरण में होता था. ऑपरेशन सिंदूर में इन्हें वास्तविक ऑपरेशनल हालातों में परखा गया. दरअसल, जहाज के सिस्टम ने डेटा के ढेर को छानकर केवल वही जानकारी दिखाई जो हमले या बचाव के लिए जरूरी थी. इससे कमांडरों का काम आसान हो गया और वे तेजी से फैसले ले पाए. इस सफलता के बाद नौसेना को यकीन हो गया है कि इंटेलिजेंट सिस्टम युद्ध की प्रभावशीलता को सीधे तौर पर बढ़ा सकते हैं.
INS Surat कैसे बना 'डिजिटल योद्धा'?
INS Surat को नौसेना का सबसे आधुनिक जहाज़ माना जा रहा है क्योंकि यह पहला ऐसा भारतीय युद्धपोत है जिसे शुरू से ही AI आधारित सिस्टम चलाने के लिए बनाया गया है. वहीं, इसका डिजिटल आर्किटेक्चर नेविगेशन से लेकर कॉम्बैट मैनेजमेंट तक हर जगह AI का इस्तेमाल करता है. यह सिस्टम सिर्फ रडार पर बिंदी नहीं दिखाता, बल्कि दुश्मन की गतिविधियों के पैटर्न पहचानता है और कमांडरों को सुझाव देता है कि सबसे अच्छा विकल्प क्या होगा.
क्या है INS Surat की ताकत?
भले ही INS Surat डिजिटल तकनीक में माहिर हो, लेकिन पारंपरिक ताकत में भी यह एक 'राक्षस' है. इसका वजन करीब 7,400 टन है और यह गैस टर्बाइन इंजनों की मदद से 30 नॉट्स यानी करीब 55 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ सकता है. वहीं, इसमें, लंबी दूरी के हमलों के लिए इसमें दुनिया की सबसे घातक ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें लगी हैं.
इतना ही नहीं, हवाई हमलों से बचने के लिए इसमें बराक-8 मिसाइलों का सुरक्षा कवच है. साथ ही, टॉरपीडो और रॉकेट लॉन्चर के साथ-साथ यह दो हेलीकॉप्टर भी ले जा सकता है, जो समंदर की गहराई में छिपी पनडुब्बियों को ढूंढ कर मार सकते हैं.
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