search
 Forgot password?
 Register now
search

म्यांमार में भीषण गृहयुद्ध, फ्लाइंग मशीनों के जरिए आसमान से मौत बरसा रही सेना

cy520520 Yesterday 20:26 views 935
  

म्यांमार में भीषण गृहयुद्ध। (रॉयटर्स)



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। म्यांमार के गृहयुद्ध में अब एक नया और घातक मोड़ आ गया है। सोमवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, म्यांमार की सैन्य सरकार (जुंटा) अब आम नागरिकों और सरकार विरोधी ताकतों पर आसमान से हमला करने की अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए \“पैरामोटर\“ और \“जायरोकाप्टर\“ जैसे कम तकनीक वाले फ्लाइंग मशीनों (उड़ने वाले यंत्रों) का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रही है।

मानवाधिकार संगठन \“फोर्टिफाई राइट्स\“ ने अपनी रिपोर्ट में उजागर किया है कि सेना इन मशीनों के जरिए आसमान से मौत बरसा रही है। हमलों का नया तरीका : साइलेंट किलिंग पैरामोटर दरअसल एक पैराग्लाइडर होता है जिसमें पीछे की ओर एक प्रोपेलर लगा होता है, जबकि जायरोकाप्टर एक छोटा, एक या दो सीटों वाला विमान होता है जिसमें हेलीकाप्टर की तरह घूमने वाले ब्लेड होते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, म्यांमार की सेना इन उड़ने वाली मशीनों का उपयोग मोर्टार गोले गिराने के लिए कर रही है। हमले के दौरान पैरामोटर चालक अक्सर अपने इंजन बंद कर देते हैं और लक्ष्य के पास पहुंचने पर चुपचाप ग्लाइड करते हुए नीचे आते हैं, ताकि जमीन पर मौजूद लोगों को हमले की भनक तक न लगे। इसके बाद वे बम गिरा देते हैं।

फोर्टिफाई राइट्स के सदस्य चिट सेंग ने बताया कि सेना ने नागरिकों को मारने के लिए यह नया और सस्ता तरीका खोज लिया है।

  

सैकड़ों नागरिक हमले एवं मौतों का तांडव आंकड़ों की बात करें तो दिसंबर 2024 से 11 जनवरी, 2026 के बीच नागरिकों पर पैरामोटर और जायरोकाप्टर से लगभग 304 हमले दर्ज किए गए हैं। सबसे घातक हमला पिछले साल अक्टूबर में सगाइंग क्षेत्र में हुआ था, जहां एक पैरामोटर ने मोमबत्ती जुलूस निकाल रहे प्रदर्शनकारियों पर दो गोले गिराए थे। इसमें कम से कम 24 लोगों की मौत हो गई थी।

इसी तरह, सगाइंग में ही एक अस्पताल पर जायरोकाप्टर से हमला किया गया, जिसमें मुख्य चिकित्सक और दो अन्य स्टाफ सदस्यों की जान चली गई। फरवरी 2021 में तख्तापलट के बाद से म्यांमार में जारी हिंसा में अब तक 7,700 से अधिक नागरिक मारे जा चुके हैं। हालांकि, सेना (तातमाडा) हमेशा इन दावों को खारिज करती आई है कि वह नागरिकों को निशाना बना रही है।

रणनीतिक लाभ और अंतरराष्ट्रीय चिंता विशेषज्ञों का मानना है कि इन सस्ते फ्लाइंग मशीनों के इस्तेमाल से सेना को दोहरे फायदे हो रहे हैं। इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज के विश्लेषक मार्गन माइकल्स के अनुसार, कम लागत वाले इन यंत्रों को किसी भी खुले मैदान से उड़ाया जा सकता है और इन्हें चलाने के लिए उन्नत प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं होती।

इनका उपयोग उन क्षेत्रों में किया जा रहा है जहां विपक्षी बलों के पास भारी हथियारों की कमी है। इससे सेना अपने महंगे लड़ाकू विमानों और हेलीकाप्टरों को सीमावर्ती इलाकों के लिए सुरक्षित रख पा रही है। जहां चीन और रूस जैसे देश म्यांमार को सैन्य उपकरण मुहैया करा रहे हैं, वहीं दुनिया के कई देशों ने इस पर प्रतिबंध लगा रखे हैं। हालांकि, पैरामोटर जैसे \“\“दोहरे उपयोग\“\“ वाले व्यावसायिक उपकरणों पर लगाम लगाना अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

(समाचार एजेंसी एपी के इनपुट के साथ)
like (0)
cy520520Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
cy520520

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
153737

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com