पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर कसा तंज। (जागरण)
संवाद सहयोगी, कोडरमा। पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने राज्य में विकास कार्यों की धीमी गति के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
झुमरीतिलैया में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार के लोग सरकारी राजस्व बढ़ाने के बजाय अपनी तिजोरी भरने में लगे हैं।
जब सरकार की प्राथमिकता निजी लाभ होगी, तो स्वाभाविक है कि सरकारी खजाना खाली रहेगा और विकास कार्य प्रभावित होंगे।
उन्होंने केंद्र सरकार से राशि नहीं मिलने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य सरकार अपने हिस्से की राशि भी खर्च करने में असमर्थ है। इसी कारण राज्य की कई विकास योजनाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
गठबंधन के सवाल का दिया जवाब
बाबूलाल मरांडी ने झामुमो के साथ किसी भी प्रकार के गठबंधन की अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि भाजपा पूरी तरह से आगामी चुनाव की तैयारी में जुटी हुई है। उन्होंने वर्तमान सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर भी कोई ठोस उपलब्धि नहीं होने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा बाहरी निवेशकों के माध्यम से राज्य में 11 हजार करोड़ रुपये के निवेश के दावे को भी उन्होंने गलत बताया। उन्होंने कहा कि टाटा कंपनी के साथ एमओयू पहले से स्वीकृत है, इसके लिए बाहर जाकर निवेश लाने की आवश्यकता नहीं थी।
झारखंड के लोगों को केवल सपने दिखाए जा रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और है। बता दें कि बाबूलाल मरांडी के काफिले में शामिल जिप्सी वाहन झुमरीतिलैया बाईपास में खराब हो गई थी। इस कारण वे कुछ देर के लिए रुक गए थे।
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