सांकेतिक तस्वीर।
संवाद सहयोगी, जागरण. हाथरस। पुलिस ने एक युवक को ब्लैकमेल कर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी महाराष्ट्र से की गई है।
थाना हाथरस गेट के विष्णुपुरी निवासी सुखबीर सिंह ने पुलिस को बताया कि आठ अक्टूबर 2024 को उनके बेटे आकाश के फोन पर कर्ज चुकाने के संबंध में एक कॉल आया था। आकाश ने इसे फर्जी बताया और साइबर सेल में शिकायत करने की बात कही। अगले ही दिन नौ अक्टूबर 2024 को 20 वर्षीय आकाश ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
पिता की शिकायत पर साइबर टीम ने की कार्रवाई
आकाश का फोन चेक करने पर स्वजन को पता चला कि उसे लगातार मैसेज और कॉल आ रहे थे। ठग उसे फर्जी एडिटेड अश्लील फोटो और वीडियो भेजकर वायरल करने की धमकी दे रहे थे। वे आकाश को मानसिक और आर्थिक रूप से ब्लैकमेल कर रहे थे और उसके खाते से 20 हजार रुपये भी अपने खाते में डलवा चुके थे। इसी उत्पीड़न से परेशान होकर आकाश ने आत्महत्या कर ली थी।
महाराष्ट्र से किए गिरफ्तार
सुखबीर सिंह की शिकायत के आधार पर हाथरस गेट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। अब साइबर थाना पुलिस ने दो आरोपितों को महाराष्ट्र के छावड़ी स्थित कैंटोनमेंट हॉस्पिटल से गिरफ्तार किया है। महाराष्ट्र के छत्रपति सम्भाजी नगर थाना वेदांत नगर निवासी रोहन बिहारीलाल सोनवणे और प्रज्ञानगर लक्ष्मी कालौनी मिलिन कॉलेज रोड थाना छावड़ी जिला सम्भाजी नगर निवासी करन राजेंद्र चिंदालिया ने पूछताछ में बताया कि वे भोले-भाले लोगों को ऑनलाइन वाट्सएप पर मैसेज भेजते थे।
एआई से फर्जी मोबाइल जनरेट करते थे कॉल करते थे
आरोपितों ने बताया कि वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग करके फर्जी मोबाइल नंबर जनरेट करते और कॉल करते थे। एआई के माध्यम से ही वे फर्जी लड़की बनकर लोगों से वाट्सएप पर बात करते थे। विश्वास में लेने के बाद वे पीड़ितों के अश्लील फोटो और वीडियो प्राप्त कर लेते थे। फिर इन्हीं फोटो और वीडियो को प्रसारित करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करते थे।
पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ आपराधिक षडयंत्र, धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग, आत्महत्या के लिए उकसाने और साइबर फ्राड की धाराओं के तहत कार्रवाई की है। |
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