Kala Azar Elimination: डा. श्याम सुंदर का फाइल फोटो और सूतापट़टी में जश्न मनाते परिवार के सदस्य। जागरण
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Padma Shri Award: मुजफ्फरपुर जिले के जिला स्कूल से पढ़े और यहीं जन्मे प्रसिद्ध चिकित्सक डा. श्याम सुंदर को चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान कालाजार जैसी गंभीर बीमारी के निदान, उपचार और उन्मूलन के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए मिला है।
डा. श्याम सुंदर का पैतृक आवास सूतापट्टी स्थित श्याम मंदिर गली में है। वे नौ भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं। उन्होंने बताया कि पिता रामकिशुन प्रसाद मखारिया की प्रेरणा के बिना वे आज इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाते। पिता चाहते थे कि बेटा समाज सेवा और चिकित्सा के क्षेत्र में बड़ा नाम कमाए।
डा. श्याम सुंदर की प्रारंभिक शिक्षा प्रभात तारा स्कूल, मारवाड़ी विद्यालय और जिला स्कूल मुजफ्फरपुर में हुई। वर्ष 1972 में उनका चयन दरभंगा मेडिकल कॉलेज और बीएचयू दोनों में हुआ था, लेकिन पिता की इच्छा पर उन्होंने बीएचयू में दाखिला लिया। उन्होंने वर्ष 1977 में एमबीबीएस और 1981 में एमडी की पढ़ाई पूरी की।
मार्च 1981 में वे बीएचयू में लेक्चरर के पद पर नियुक्त हुए। इसके बाद 1990 में रीडर और 1997 में प्रोफेसर बने। उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में कालाजार पर निरंतर शोध किया। वर्ष 2020 में सेवानिवृत्ति के बाद बीएचयू ने उन्हें डिस्टिंग्विश प्रोफेसर की उपाधि से सम्मानित किया।
कालाजार पर प्रभावी तकनीक विकसित करने के लिए उन्हें राष्ट्रपति द्वारा विजिटर अवॉर्ड और डा. पीएन राजू ओरेशन सम्मान भी मिल चुका है। वर्ष 1994 में उन्होंने कालाजार मेडिकल रिसर्च सेंटर और अस्पताल की स्थापना की, जहां आज भी मरीजों का निशुल्क इलाज और शोध कार्य किया जाता है।
1990 के दशक में उत्तर बिहार में कालाजार का व्यापक प्रकोप था। इसी दौरान उनकी मां भी इस बीमारी से पीड़ित हुई थीं। इसके बाद उन्होंने इस रोग के उन्मूलन को अपना जीवन लक्ष्य बना लिया।
छोटे भाई प्रमोद मखारिया ने बताया कि पिता का सपना था कि बेटा चिकित्सा क्षेत्र में देश का नाम रोशन करे। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्मश्री की घोषणा के बाद डा. श्याम सुंदर ने स्वयं फोन कर परिवार को यह खुशखबरी दी।
डा. श्याम सुंदर के परिवार में कई सदस्य चिकित्सा सेवा से जुड़े हैं। उनके पांचवें भाई डा. आनंद सूरत में शिशु रोग विशेषज्ञ हैं, जबकि छठे भाई मनोज भी डॉक्टर हैं।
मुजफ्फरपुर के लिए यह सम्मान गर्व का विषय है। डा. श्याम सुंदर की सफलता जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा है और यह साबित करती है कि मेहनत, समर्पण और सेवा भाव से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है। |