झारखंड टैक्स कलेक्शन। (जागरण)
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में वाणिज्य कर विभाग ने दस महीने में 16 हजार करोड़ रुपये का राजस्व जमा कर लिया है लेकिन अगले दो महीने में चुनौतियां कहीं अधिक हैं।
विभाग को लक्ष्य (26128 करोड़) हासिल करने के लिए फरवरी-मार्च में कम से कम दस हजार करोड़ रुपये की राजस्व उगाही करनी होगी।
31 दिसंबर तक के आंकड़ों को देखें तो वार्षिक लक्ष्य 26128 करोड़ रुपये के विरुद्ध 16188 करोड़ से अधिक की वसूली हो चुकी थी। इस प्रकार विभाग लक्ष्य से करीब दस हजार करोड़ रुपये पीछे रहा है।
हर वर्ष आखिरी के दो महीनों में बड़े पैमाने पर व्यवसायी जीएसटी जमा कराते हैं। एक बार फिर उम्मीद की जा रही है कि राज्य सरकार के अधिकारी लक्ष्य हासिल करने में सफल होंगे। झारखंड में चालू वित्तीय वर्ष के दिसंबर माह में समेकित जीएसटी कलेक्शन का आंकड़ा 146.27 करोड़ रुपये रहा है जो कि पिछले वर्ष इसी अवधि में प्राप्त आंकड़ों से 63 प्रतिशत कम है।
पिछले वर्ष दिसंबर में समेकित जीएसटी 396 करोड़ रुपये थे। अगले दो माह में व्यवसायी समूह जीएसटी मद में सालभर के आंकड़ों की भरपाई करेंगे।
सूत्रों के अनुसार राज्य में जीएसटी कलेक्शन और सेटलमेंट के आंकड़ों को मिला दें तो यह आंकड़ा 10282 करोड़ रुपये होता है जबकि इसी समय सीमा में पिछले वर्ष इससे लगभग 140 करोड़ रुपये अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ था।
यह भी महत्वपूर्ण है कि दिसंबर 2024 की तुलना में दिसंबर 2025 में कुल राजस्व सौ करोड़ रुपये अधिक हैं। वाणिज्य कर विभाग के सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार ने वार्षिक लक्ष्य 26500 करोड़ रुपये तय किया था जिसे घटाकर 26128 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
प्रोफेशनल टैक्स में पांच प्रतिशत की वृद्धि
झारखंड में प्रोफेशनल टैक्स के आंकड़ों काे देखें तो विभाग के लिए राहत की बात यह है कि इसमें 5.45 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार ने इस मद में 200 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया है जिसके विरुद्ध दिसंबर माह तक 65.56 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त हुए थे। |
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