जागरण संवाददाता, उन्नाव। Padma Award 2026: राजनीतिक पार्टियों से लेकर नामी कंपनियों के विज्ञापन की सूत्र लाइनें देने वाले पीयूष पांडेय को मरणोपरांत भारत सरकार ने कला के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान पर पद्म भूषण से सम्मानित किया है। उनकी मां भगवती का मायका नगर पंचायत फतेहपुर चौरासी के शास्त्री नगर में है। पीयूष को पद्म भूषण सम्मान मिलने की जानकारी पर नगर पंचायत सहित जनपदवासियों में हर्ष की लहर है।
रविवार को पुरस्कार की घोषणा के बाद पीयूष की ननिहाल में खुशी छा गई। ननिहाल वाले घर में उनकी बुआ के दो बेटों में शरद बाजपेई व शिशिर बाजपेई हैं। शिशिर अब यहां नहीं रहते हैं, जबकि शरद बाजपेई पत्नी सुषमा, बेटे हिमांशु व बेटी हिमानी के साथ यहीं रहते हैं। पीयूष की बुआ के परिवार ने उनको मिले पुरस्कार पर हर्ष व्यक्त किया।
शरद ने बताया कि लगभग पांच साल पहले पीयूष के भाई प्रसून पांडेय उर्फ चुनमुन परिवार में मौसी की मौत पर घर आए थे। यह पीयूष से छोटे हैं और मुंबई में ही खुद की विज्ञापन कंपनी चला रहे हैं। विज्ञापन गुरु पीयूष पांडेय की मां भगवती का जन्म उन्नाव जिले के कस्बे फतेहपुर चौरासी के मुहल्ले शास्त्री नगर में हुआ था। उनके पिता दिवंगत बलदेव प्रसाद बाजपेई ने जवाहर लाल नेहरू इंटर कालेज में अपने परिवार की तरफ से दो कमरे बनवाए थे। बताया कि पीयूष की बहन रमा पांडेय भी कुछ साल पहले फतेहपुर चौरासी आई थीं।
फतेहपुर चौरासी के शास्त्री नगर मुहल्ले में दिवंगत पीयूष पांडेय की बुआ के बेटे शरद बाजपेई अपने घर में पत्नी सुषमा बाजपेई, बेटी हिमानी और पुत्र हिमांशू बाजपेई के साथ । जागरण
पीयूष का परिवार
मां भगवती जी के कुल नौ बेटे व बेटियां हुईं। दो बेटे, प्रसून पांडेय और पीयूष पांडेय और इला अरुण (सुप्रसिद्ध सिने जगत की कलाकार) समेत सात बेटियां। पीयूष का पूरा परिवार महाराष्ट्र में रहता है।
पीयूष की सुप्रसिद्ध विज्ञापन लाइनें
साल 2014 का सुपरहिट नारा ‘अबकी बार मोदी सरकार’ पीयूष पांडेय ने ही गढ़ा। दो बूंद जिंदगी के, हमारा बजाज आदि सुप्रसिद्ध विज्ञापन लाइनें पीयूष की ही देन हैं। |
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